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करौली: NDPS प्रकरण में वर्ष 2020 के स्मैक जब्ती मामले में न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई

 
करौली: NDPS प्रकरण में वर्ष 2020 के स्मैक जब्ती मामले में न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई

जिले के विशिष्ट न्यायाधीश, स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS) के प्रकरण में करौली न्यायालय ने वर्ष 2020 के स्मैक जब्ती मामले में सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी लखन पुत्र शिवराम, निवासी मीना बड़ौदा, थाना वजीरपुर, जिला सवाई माधोपुर को दोषी पाया और सजा सुनाई।

मामला का विवरण

मामला वर्ष 2020 का है, जब पुलिस ने वजीरपुर थाना क्षेत्र में स्मैक (Smack) की जब्ती की थी। मामले में आरोपी लखन को स्मैक रखने और तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में स्मैक बरामद की थी, जिससे यह मामला NDPS अधिनियम के तहत गंभीर अपराध बन गया।

न्यायालय का निर्णय

विशेष न्यायाधीश ने मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद साक्ष्यों और गवाहों के ब्योरे के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि NDPS अधिनियम के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी और उसके वितरण के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है।

न्यायालय ने आरोपी को कठोर कारावास की सजा सुनाई और इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में सजा का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि समाज में नशीले पदार्थों के व्यापार पर अंकुश लगाना और चेतावनी देना भी है।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

NDPS टीम और पुलिस प्रशासन ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह सजा क्षेत्र में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को और मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के मामलों में कानून की कार्यवाही समय पर होने से अन्य संभावित अपराधियों को संदेश मिलता है।

स्थानीय लोगों ने अदालत के फैसले का समर्थन किया और कहा कि यह कार्रवाई समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कठोर कार्रवाई से युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों से दूर रखने में मदद मिलेगी।