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Karoli रोडवेज में बढ़ा हाइटैक बसों का बेड़ा, बसें हो रही ब्रेक डाउन

 
Karoli रोडवेज में बढ़ा हाइटैक बसों का बेड़ा, बसें हो रही ब्रेक डाउन
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली राजस्थान रोडवेज में बीएस-6 श्रेणी की बसें आने से करौली जिले की हिण्डौन व करौली डिपो में भी हाईट्रेक बसों का बेड़ा बढ़ गया है। आधुनिक तकनीकि से लैस बसें सडक़ों पर जलभराव से निकलने पर सेंसर फाल्ट होने से ब्रेकडाउन हो रहीं हैं। लेकिन रोडवेज डिपो में इनकी मरम्मत के लिए सॉफ्टवेेयर युक्त लेपटॉप नहीं है। ऐसे में रोडवज डिपो प्रबंधन को बसों को निजी मैकेनिक व कम्पनी की वर्कशॉप में दिखाना पड़ रहा है।

दरअसल रोडवेज के बेड़े में बीएस-5 श्रेणी की बसों में सेंसर टैक्नोलॉजी का आना शुरू हो गया था। जिनमें बस कम्पनी द्वारा मुहैया मिनी टूक किट टीडीएस से फाल्ट को तलाश कर दुरुस्त कर दिया जाता है। करीब एक माह पहलेे डिपो में आई बीएस-6 श्रेणी की बसों में टैक्नोलॉजी की सुग्राहिता के साथ सेंसरों की संख्या बढऩे खामी आने लगी हैं। बारिश से सीजन में जलभराव वाली सडक़ों से निकलने से बसों में सेंसर फाल्ट होने की समस्या बढ़ गई है। ऐसे में राह में थमी बसों को दूसरी बस से खिंचवा कर डिपो लाकर मैकेनिक बुलाना पड़ता है या महवा वर्क शॉल में पहुंचाया जाता है। करौली व हिण्डौन डिपो में 2-2 बस बीएस-6 श्रेणी की आई है। जबकि 24 बसें बीएस-5 श्रेणी की है। गौरतलब है कि सेंसर आधारित बसों में खराबी बिना लेपटॉप के तलाशना दुष्कर होने से चालक-परिचालक व सामान्य मैकेनिक मरम्मत नहीं कर पाता है। सेंसर खराब होने से ब्रेकडाउन हुई बसें निर्धारित किलोमीटर का सफर पूरा नहीं कर पाती है। इससे डिपो प्रबंधन को बसों की मरम्मत का खर्च और किलोमीटर कटौती से सफर से दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है।