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Karoli बांध के समीप पेड़ों की कटाई से ग्रामीणों में उपजा आक्रोश

 
Karoli बांध के समीप पेड़ों की कटाई से ग्रामीणों में उपजा आक्रोश 

करौली न्यूज़ डेस्क, करौली ग्राम पंचायत अतेवा के पूर्वजों की स्मृति में लगाए गए पेड़ एवं प्राकृतिक रूप से तालाब की पाल पर लगे पेड़ों के कटवाने पर रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण एवं सकल पंच आम बस्ती के लोग लामबंद होकर मौके पर पहुंचे तथा पेड़ों को काट रहे मजदूरों पर रोष जताकर उनको मौके से भगा दिया। इसके बाद पंच पटेल एवं ग्रामीणों ने पुलिस उपाधीक्षक कैलादेवी मीना कुमारी को इसकी सूचना दी। जिसके बाद पुलिस व तहसीलदार महेद्र सिंह गुर्जर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने काटे गए पेड़ों को वन विभाग के सुपुर्द कर मामले की जांच करने के निर्देश ग्राम पंचायत पटवारी को दिए। गांव के पंच बचूं गुर्जर, भीमसिंह, रामसिंह गेहुंआ, लक्ष्मीकांत शर्मा, दामोदर, प्यारेलाल गुर्जर, रामनारायण माली, शेलेन्द्र नापित, पूरन गुर्जर आदि ने बताया कि यहां करीब दस साल से पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध है।

लेकिन पेड़ों को काटा जा रहा है। कंजालिया बांध के आसपास धनौली से पेड़ों की कटाई की जा रही है। जिससे लोगों में रोष पनप गया। ग्रामीणों ने सरपंच पर पेड़ों को काटने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की। जिस पर उपाधीक्षक मीना कुमारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया। इधर मामले में ग्राम पंचायत अतेवा सरपंच अमरचंद जाटव का कहना है कि कजलिया बांध को बचाने के लिए पेड़ों को काटना जरूरी था। बरसाती दिनों में मिट्टी के कट्टे डालकर बांध को टूटने से बचाया। ग्राम पंचायत की ओर से बांध की मरमत के लिए पंचायत राज विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था। जिसकी 18 लाख रुपए से मरमत की मंजूरी मिल गई है। ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कर पेड़ों की कटाई का उचित कदम उठाया था। बांध की मरमत होनी थी लेकिन ग्रामीणों ने मरमत में बाधा डाली है। हमें कोई आपत्ति नहीं है। ग्रामीण अगर रोक लगा रहे हैं तो ग्रामीण एवं पंच पटेल की बिना अनुमति के हम आगे कोई पेड़ कटाई नहीं करेंगे।