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बरसात में पुलिया टूटने से रोधई और ग्वाई डांडा के ग्रामीणों का संपर्क टूटा, मुश्किलें बढ़ीं

 
बरसात में पुलिया टूटने से रोधई और ग्वाई डांडा के ग्रामीणों का संपर्क टूटा, मुश्किलें बढ़ीं

राजस्थान के करौली जिले में बरसात के मौसम ने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को और गहरा दिया है। मंडरायल उपखंड की ग्राम पंचायत रोधई के गांव ग्वाई डांडा में कुछ दिन पहले रात्रि में हुई तेज बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली पुरानी पुलिया पानी के तेज बहाव में बह गई।

पुलिया टूटने से रोधई और ग्वाई डांडा के बीच संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। अब ग्रामीणों को नाले के तेज बहाव से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज पानी के कारण लोगों के लिए नाले को पार करना बेहद जोखिम भरा हो गया है। विशेष रूप से बीमार और बुजुर्ग लोगों के लिए अस्पताल पहुँच पाना बड़ी चुनौती बन गया है।

गांव के लोग प्रशासन से पुलिया की मरम्मत या नया पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के मौसम में यह समस्या हर साल बढ़ जाती है, लेकिन इस बार पुलिया बह जाने से हालात और गंभीर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द उपाय नहीं किए गए तो जान-माल का खतरा बढ़ सकता है।

स्थानीय स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से भी स्थिति चिंताजनक है। बीमार और बुजुर्ग ग्रामीण अब नाले पार करके अस्पताल जाने के लिए जोखिम उठाने को मजबूर हैं। कई बार इस दौरान छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को ग्रामीण इलाकों में आधारभूत ढांचे की मजबूती पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

स्थानीय अधिकारी ने बताया कि बरसात के मौसम में पुलिया बह जाने की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस पुलिया की मरम्मत या नई पुलिया निर्माण के लिए कदम उठाए जाएंगे। अधिकारी ने ग्रामीणों से सुरक्षित मार्गों का इस्तेमाल करने और जोखिम से बचने की अपील की।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में बरसात के समय सड़क और पुलिया जैसी बुनियादी संरचनाओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है। इनकी सुरक्षा और समय पर मरम्मत न होने से न केवल लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं में भी बाधा आती है।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे के अभाव और रखरखाव की अनदेखी बरसात के मौसम में समस्याओं को बढ़ा देती है। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से अपील की जा रही है कि वे ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षा के लिए शीघ्र कदम उठाएँ।

इस प्रकार, करौली जिले के मंडरायल उपखंड के गांव ग्वाई डांडा और रोधई के ग्रामीणों के लिए पुलिया टूटने की समस्या अब सिर्फ एक अव्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन-मरण का मामला बन गई है। समय रहते उपाय करने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीणों की जान और सुविधाओं को खतरा न हो।