Karoli नहीं थम रहा डिप्थीरिया का प्रकोप, हर दिन आ रहे 2-3 मरीज
करौली न्यूज़ डेस्क , हिण्डौनसिटी. क्षेत्र में ड़ेढ माह से बच्चों में चल रहा डिप्थीरिया रोग का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। संबंधित इलाकों में व्यापक स्तर पर सर्वे व टीकाकरण अभियान चलाने के बावजूद जिला चिकित्सालय में हर रोज औसतन 2 से 3 रोगी आ रहे है जिन्हें आइसोलेशन वार्ड में प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रैफर किया जा रहा है। अब तक रैफर किए 54 रोगियों में कुल 29 संक्रमित मिले। जिनमें से अनेक बच्चे अभी जयपुर में उपचाराधीन हैं। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार बीते माह मौसस के बदलाव के दौरान बच्चों में बुखार व गले में खराबी व सूूजन की शिकायत के बीच डिप्थीरिया जैसे लक्षण भी सामने आने लगे।
संक्रमण की आशंका से रोगियों को उपचार के लिए जयपुर रैफर किया जहां जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होने पर चौकस हुए चिकित्सा विभाग ने शहर की संबंधित कॉलोनियों में सर्वे करवाकर टीकाकरण शुरू कराया। ग्रामीण क्षेत्र से संक्रमण संदिग्ध रोगी आने पर जिला चिकित्सालय में आईसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है जिसमें प्राथमिक उपचार व जांच सेपल लेने के बाद जयपुर रैफर किया जाता है। चिकित्सालय के ईएनटी विभाग के चिकित्सकों के अनुसार प्रतिदिन ओपीडी में औसतन 2-3 रोगी डिप्थीरिया आशंकित मिल रहे हैं। गौरतलब है कि अभिभावकों के टीकाकरण के प्रति अनदेखी से पूर्व में संक्रमण में तीन बच्चों की मौत हो गई थी। अक्टूबर माह में 21 व नवबर माह में 32 को जांच उपचार के लिए जयपुर भेजा गया।
वयस्क भी आ रहे जद में : चिकित्सकों के अनुसार डिप्थीरिया का संक्रमण पीड़ित के छींकने व खांसने से निकले ड्रॉप्लेट्स से प्रसारित होता है। ऐसे में संक्रमित के टीकाकारण से वंचित व कम प्रतिरक्षा वालो व्यक्ति इसकी चपेट में आ जाता है। गत दिवस झारेड़ा गांव के 19 वर्ष व पाली गांव में20 वर्षीय युवक में संक्रमण जैसे लक्षण पाए गए हैं। जिन्हे जांच व उपचार के लिए जयपुर भेजा गया है।20 हजार से अधिक हुआ टीकाकरण : जिला चिकित्सालय की टीकाकारण प्रभारी डॉ. सोनिया रावत ने बताया कि शहर में सर्वे के आधार पर डेढ़ माह में 16 वर्ष तक की आयु के 20 हजार से अधिक टीडी व डीपीटी के टीके लगाए जा चुके हैं। वंचित बच्चों के कवरेज के लिए स्कूलों में भी टीकाकरण किया जा रहा है.
