Karoli रोडवेज डिपो का डीजल पंप बंद, तीन माह से दूसरे डिपो पर निर्भर हैं बसें
अगस्त माह के पहले पखवाड़े में हुई अतिवृष्टि से शहर के विभिन्न इलाकों के साथ रोडवेज डिपो परिसर भी जलमग्न हो गया। भूमिगत डीजल टैंकों में पहुंचे पानी से बसों में खामी आने पर डीजल पम्प बंद कर दिया गया। बसों के संचालन के लिए दूसरी रोडवेज डिपो से डीजल का वैकल्पिक इंतजाम किया हुआ है। करीब तीन माह बीतने के बाद भी तेल कम्पनी की ओर से डीजल का परीक्षण प्रक्रिया पूरी नहीं होने से डिपो का पम्प शुरू नहीं हो सका है। हिण्डौन करौली डिपो से विभिन्न मार्गों के 61 शिड्यूलों पर बसों का संचालन होता है। डिपो में डीजल पम्प बंद होने से जिले में संचालित शटल बसों को भी डीजल लेने बाहर जाना पड़ता है। जिले में हिण्डौन से गंगापुरसिटी, टोडाभीम व भुसावर मार्ग पर तीन शटल बसें है। इस बसों को दो-तीन दिन में डीजल के लिए भरतपुर संचालित किया जाता है।रोडवेज डिपो सूत्रों के अनुसार हिण्डौन व करौली डिपो से निर्धारित शिड्यूलों पर बसों के करीब 16 हजार किलोमीटर संचालन होता है। इसमें प्रति दिन करीब 4500 लीटर डीजल की खपत होती है। इसके लिए बसों को मार्ग के आधार पर सात डिपो के डीजल पम्प तय किए हुए है। इनमें जयपुर की डीलक्स डिपो व विद्याधर नगर, दौसा, अलवर, मतस्य नगर, धौलपुर भरतपुर शामिल हैं।
