आज निर्जला एकादशी पर Khatu Shyam मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, प्रशासन ने VIP दर्शन पर लगाया प्रतिबन्ध
निर्जला एकादशी के अवसर पर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटू श्यामजी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। बाबा श्याम का दो दिवसीय मासिक मेला भी आज से शुरू हो गया है। मेले के दौरान वीआईपी दर्शन पर रोक है। इसके चलते खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं को सामान्य दर्शन के लिए 16 लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।
5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
श्याम मंदिर समिति के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आज एकादशी पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है और श्री श्याम मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं। 16 लाइनों में दर्शन कराए जा रहे हैं और आने वाले श्याम भक्तों के लिए मंदिर समिति की ओर से बिजली, पानी, छाया जैसी सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। रींगस से खाटू तक विभिन्न स्थानों पर श्याम भक्तों के लिए व्रत के अनुसार नींबू पानी, छाछ, लस्सी, चाय, दूध और सागर उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है। मंदिर में सुरक्षा के लिए 1500 से अधिक पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात किए गए हैं। मंदिर समिति के 200 से अधिक गार्ड अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रींगस से खाटू धाम तक एक रास्ता बनाया गया है, जिसमें सिर्फ पद यात्री और श्याम भक्त ही जा रहे हैं।
निर्जला एकादशी पर दान का विशेष महत्व
निर्जला एकादशी पर दान का विशेष महत्व है। मंदिर में महिलाएं मौसम के अनुसार आम, तरबूज, खरबूजा आदि भगवान को चढ़ा रही हैं। मान्यता है कि साल भर में आने वाली 24 एकादशियों के व्रत का पूरा फल आज की निर्जला एकादशी के व्रत मात्र से मिल जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत रखना बहुत कठिन होता है। यह व्रत पूरे दिन बिना पानी के रहकर किया जाता है, जिस कारण इसे निर्जला एकादशी कहते हैं।
अगले 72 घंटे तक बंद नहीं होंगे मंदिर के कपाट
बाबा श्याम अगले 72 घंटे तक बिना विश्राम किए अपने भक्तों को दर्शन देंगे और उनकी मनोकामनाएं पूरी करेंगे। श्याम भक्त अपने बच्चों के दर्शन करेंगे। कई भक्त आज बाबा के दरबार में गठबंधन की जात लगाकर अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत भी करेंगे। श्री श्याम मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान का कहना है कि बाबा श्याम की निर्जला एकादशी का व्रत रखने मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वहीं मंदिर परिवार के वरिष्ठ सदस्य मोहन दास सिंह चौहान का कहना है कि बाबा श्याम कलयुग के वो देवता हैं, जिनका मन में कहीं भी स्मरण करने से भक्तों का हर कार्य सफल हो जाता है।
