Karoli आरक्षण में वर्गीकरण लागू करने की मांग, सौंपा ज्ञापन
उन्होंने उत्तर भारत के राज्यों की सरकारों से अनुरोध किया की वो सुप्रीम कोर्ट के वर्गीकरण फैसले को डीएससी समाज के हक में आधा-आधा बांटकर अविलंब लागू करने की मांग की। ताकि वंचित समाज शिक्षा और समाज अन्य के क्षेत्र में आगे बढ़ सके। प्रधानमंत्री अंत्योदय की बात करते है, डीएससी समाज जो अंतिम पायदान पर खड़ा है, उसको वर्गीकरण मिले तो अंत्योदय काफी हद तक संभव है। इसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत का सपना भी साकार होगा।
चौधरी ने कहा कि बाबा साहब की व्यवस्था पर चलकर एससी समाज की कुछ जातियां आरक्षण के बल पर निश्चित रूप से शिक्षा, नौकरी और सत्ता में काफी आगे बढ़ गई, लेकिन डीएससी समाज को आगे नहीं बढ़ाया, जबकि दलित, बहुजन, मूलनिवासी के नाम पर इनसे वोट और सपोर्ट हमेशा लेते है। उनके साथ बड़ा धोखा हुआ है, उन्होंने डीएससी समाज से आह्वान किया कि छोटे-छोटे जातिगत और क्षेत्रीय संगठन में बंट कर अपनी शक्ति को नष्ट मत करो। बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक संगठन, एक नेतृत्व, एक विचार के साथ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने को कमर कसने का आह्वान किया।प्रदेश अध्यक्ष सोहन चावरिया, महिला विंग अध्यक्ष उषा चरनाल, विकास नरवाल, ओमप्रकाश घेघट, होरीलाल, दीपक शाक्यवार, अमृतलाल, सेंट्रल मीडिया इंचार्ज दिलीप कुमार, प्रदेश महासचिव सूरज डागर, जिला अध्यक्ष अनूप कुमार, संदीप डागर, जितेंद्र बाल्मीकि, मनीष नकवाल, मनोज घेघट, राजीव घेघट, ग्यारसी हल्दिया, मुन्नालाल हल्दिया, ऋषभ कुमार आदि मौजूद रहे।
