करौली के पांचना बांध से रबी फसल की सिंचाई के लिए मुख्यमंत्री से पानी छोड़ने की मांग
जिले के सबसे बड़े पांचना बांध से रबी फसल की सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने की मांग एक बार फिर उठी है। इस मामले में पांचना डैम कमांड एरिया विकास परिषद (ग्रामोत्थान संस्था) ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जल जारी करने की अपील की है।
संस्था की अपील और चिंता
संस्था ने पत्र में लिखा है कि रबी फसल की बुवाई के लिए नहरों में पर्याप्त पानी की आवश्यकता है। यदि बांध से समय पर पानी नहीं छोड़ा गया, तो किसानों की फसल प्रभावित हो सकती है और क्षेत्र में कृषि उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। संस्था ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जल स्रोतों का प्रभावी प्रबंधन किया जाए और किसानों की सिंचाई की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए।
पांचना बांध का महत्व
पांचना बांध करौली जिले का सबसे बड़ा बांध है और इसका कमांड एरिया कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जिले के कई गांव और किसान इस बांध पर निर्भर हैं। विशेषकर रबी फसल के लिए बांध से नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ा जाना आवश्यक है।
किसानों की प्रतिक्रिया
स्थानीय किसानों ने बताया कि पिछले वर्षों में समय पर पानी नहीं मिलने के कारण रबी फसल प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि अगर इस बार समय पर सिंचाई सुनिश्चित नहीं हुई, तो फसल और आमदनी दोनों प्रभावित हो सकती हैं। किसान इस मांग के समर्थन में ग्रामोत्थान संस्था की पहल की सराहना कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका
पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बांध से पानी छोड़ने और नहरों में जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार निगरानी और प्रबंधन किया जाता है। अधिकारी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार जल का वितरण किया जाएगा।
समस्या और समाधान
संस्था और किसानों का कहना है कि रबी फसल की बुवाई के लिए नहरों में पर्याप्त जल का प्रवाह समय पर होना चाहिए। इसके लिए सिंचाई योजनाओं का सटीक क्रियान्वयन और जल भंडारण का उचित प्रबंधन जरूरी है।
