Karoli सरकार में पार्षदों का हल्लाबोल, कर्मचारियों को कक्षों से बाहर निकाला
शहर के विभिन्न वार्डों में फैली गंदगी, टूटी सड़कें, बंद रोड लाइट, नाली, ओवरफ्लो सीवरेज आदि की समस्याओं से परेशान होकर डेढ़ दर्जन से अधिक कांग्रेस, भाजपा व निर्दलीय पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि दोपहर करीब 12.30 बजे नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए और मुख्य भवन में सभापति व आयुक्त कक्ष के समक्ष धरने पर बैठ गए। इस दौरान कई पार्षदों ने विभन्नि अनुभागों के कक्षों में पहुंच गए और वहां काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इससे अनुभागों में कामकाज ठप हो गया। राजस्व अधिकारी नरसीलाल मीणा, सहायक अभियंता धर्मराज गुर्जर सहित अन्य कार्मिकों के कक्षों से बाहर आने से कक्षों पर ताले लग गए।
प्रदर्शन कर रहे पार्षदों ने बताया कि पुरानी आबादी से लेकर नई बसावट और पॉश कॉलानियों सहित सभी 60 वार्डों का हाल-बेहाल बना हुआ है। वार्डों में गंदगी के ढेर लगे हैं। सड़कें टूटी हुई है, नालियां बंद पड़ी है, जलभराव हो रहा है, रोड लाइट भी नहीं जल रही हैं। नगर परिषद स्तर का शहर होने के बावजूद यहां के बाशिंदे बदतर स्थिति में रहने को मजबूर हैं। इस दौरान पार्षदों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारे लगा कर मांगों के संबंध में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान राजस्व अधिकारी ने ने पार्षदों से मांगों पर बात करने के प्रयास किया, लेकिन पार्षद कार्यवाहक आयुक्त एसडीएम को बुलाने की मांग की। करीब 3.30 बजे पहुंचे एसडीएम ने पार्षदों के साथ जाजम पर बैठक कर मांगों पर चर्चा कर समझाइश की। आश्वासन के बाद पार्षदों ने धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष दिनेश सैनी, राहुल हरसाना, एजाज कुरैशी, कमरुद्दीन खान, गोपाल शर्मा, राजेंद्र शर्मा, अश्विनी कुमार, इमरान सैफी, दीपक धाकड, भूपेंद्र शर्मा, विजयपाल चौधरी, पार्षद प्रतिनिधि नरेश गुर्जर, गोपेंद्र पावटा, दीनदयाल बैंदिल सहित अनेक पार्षद व प्रतिनिधि मौजूद रहे।
चर्चा में रहे सभापति, बचते रहे पार्षद : नगर परिषद में धरना प्रदर्शन के दौरान गैर मौजूदगी में सभापति ब्रजेश जाटव चर्चा में रहे। लेकिन पार्षद सीधे तौर पर आरोप- प्रत्यारोप लगाने से बचते रहे। शहर के बिगड़े हाल पर रोष जता रहे पार्षद शहर का विकास कराने वाले के साथ रहने की बात दोहराते रहे।
