Karoli भूमि चयन के फेर में चार वर्ष से अटका ट्रैफिक पार्क का निर्माण
करौली न्यूज़ डेस्क, राज्य सरकार की ओर से करौली के लिए चार वर्ष पहले दी गई ट्रैफिक पार्क की सौगात अब तक धरातल पर नहीं उतर पा रही है। असल में ट्रैफिक पार्क के निर्माण के लिए भूमि चयन मुश्किलभरा हो गया है। प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से पार्क के लिए अनेक बार अलग-अलग स्थानों पर भूमि की तलाश की जा चुकी है, लेकिन अभी तक भूमि का चयन ही नहीं हो सका है। ऐसे में सरकार की यह सौगात फाइलों में ही रेंग रही है।गौरतलब कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2020-21 में करौली में ट्रैफिक पार्क की घोषणा करते हुए 50 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया था, लेकिन घोषणा के बाद शुरूआती दौर में तो परिवहन विभाग के अधिकारियों ने भूमि को लेकर गंभीरता ही नहीं दर्शाई। बाद में जिला मुख्यालय पर भूमि की तलाश के लिए भाग-दौड़ की।
प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में जिला मुख्यालय पर विभिन्न जगह भूमि देखी गई, लेकिन कोई भी स्थान पर भूमि का चयन नहीं किया जा सका। अन्तत: विभाग ने पार्क को हिण्डौनसिटी में स्थापित करने की योजना तय की, लेकिन हिण्डौन के प्रस्ताव को भी निरस्त कर दिया गया, जिसके बाद विभाग ने जिला मुख्यालय पर ही करीब दो वर्ष पहले पंचायत समिति के नेहरू गार्डन को ट्रैफिक पार्क के रूप में विकसित करने का प्लान तैयार कर प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भिजवा दिए, जहां से हरी झण्डी मिलने के बाद पार्क निर्माण के लिए टेण्डर हो गया और वर्कऑर्डर जारी होने के बाद कार्यकारिणी एजेन्सी आरएसआरडीसी ने कार्य भी शुरू कर दिया।पंचायत समिति प्रशासन से परिवहन विभाग ने पार्क निर्माण के लिए सहमति पत्र भी लिया, लेकिन नेहरू गार्डन के मूल स्वरूप में परिवर्तन को देख पंचायत समिति प्रशासन की ओर से कार्य रुकवा दिया गया। ऐसे में पार्क का कार्य अटक गया।
