आज केशवरायपाटन दौरे पर सीएम भजनलाल! श्रीकृष्ण गमन पथ और मथुराधीशजी कॉरिडोर को लेकर हो सकती हैं बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गुरुवार को केशवरायपाटन आगमन से श्रद्धालुओं में श्री कृष्ण गमन पथ और श्रीमथुराधीशजी कॉरिडोर की उम्मीद जग गई है। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले कोटा-बूंदी के अधिकारी सीएम के आगमन की तैयारियों में जुटे रहे। कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के गठन के बाद केशवरायपाटन का बड़ा हिस्सा कोटा की शहरी सीमा में शामिल हो गया है। ऐसे में गुरुवार को सीएम के केशवरायपाटन आगमन के दौरान भगवान केशव के दर्शन, चंबल की आरती और चुनरी ओढ़ाने और आमसभा का कार्यक्रम है। ऐसे में श्रद्धालुओं को श्री कृष्ण गमन पथ और इससे जुड़े श्रीमथुराधीश मंदिर में बनने वाले कॉरिडोर को लेकर घोषणा की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ योजना की तर्ज पर राजस्थान के छह जिलों से होते हुए मथुरा से उज्जैन तक भगवान कृष्ण के 30 से अधिक मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने के लिए श्री कृष्ण गमन पथ योजना तैयार की गई है। योजना के तहत उत्तर प्रदेश के मथुरा को मध्य प्रदेश के उज्जैन से जोड़कर राज्य के 6 जिलों भरतपुर, डीग, करौली, बूंदी, कोटा और झालावाड़ को 800 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में जोड़ने की योजना है। इसमें 500 किलोमीटर से अधिक पथ में राज्य के 7 मंदिरों समेत ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ा जाना है।
प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और रोजगार बढ़ेगा
योजना से न केवल ये जिले श्री कृष्ण गमन पथ के जरिए एक-दूसरे से जुड़ेंगे, बल्कि हाड़ौती समेत इन क्षेत्रों और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन बढ़ने से रोजगार बढ़ेगा और भगवान कृष्ण के करोड़ों भक्तों को मंदिरों में दर्शन और यात्रा समेत अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
पिछले साल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के 6 जिलों में श्री कृष्ण गमन पथ बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने इसे मंजूरी भी दे दी। योजना की तैयारियों में देवस्थान और पर्यटन विभाग के अधिकारियों समेत प्रशासनिक अधिकारी जुटे हुए हैं।
इन मंदिरों को योजना में शामिल किया जाएगा
यह योजना मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर, प्रेम मंदिर, बांकेबिहारी, माधवेंद्र घाट, श्यामा श्याम धाम, राधा रमण, गोपीनाथ, वृन्दावन के छप्पन भोग, निधिवन, बांकेबिहारी मंदिर से लेकर डीग के श्रीगोकुलजी चंद्रमा मंदिर, भरतपुर के बांकेबिहारी मंदिर, करौली के मदनमोहनजी मंदिर, बूंदी के चारभुजानाथ मंदिर, बूंदी के प्राचीन शैलचित्र, कोटा के श्रीमथुराधीशजी मंदिर, श्रीद्वारिकाधीशजी मंदिर तक जाएगी। झालावाड़ के झालरापाटन से उज्जैन के गुरुकुल सांदीपनि आश्रम तक। इसके अलावा भगवान कृष्ण से जुड़े कई पौराणिक स्थलों को भी धार्मिक सर्किट में शामिल किया जाएगा.
कोटा, बूंदी के अधिकारी तैयारी में जुटे रहे
बुधवार को बूंदी जिले के केशवरायपाटन में मुख्यमंत्री की आमसभा और कार्यक्रमों की तैयारियों में बूंदी के अलावा कोटा जिले के अधिकारी भी जुटे रहे. इधर, केडीए ने श्रीमथुराधीश कॉरिडोर पर विचार-विमर्श किया, वहीं कोटा और बूंदी जिला प्रशासन ने भी श्रीकृष्ण गमन पथ की तैयारियां कीं।
