Aapka Rajasthan

करौली में ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान के विरोध में भाजपा का मशाल जुलूस, कांग्रेस से माफी की मांग

 
करौली में ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान के विरोध में भाजपा का मशाल जुलूस, कांग्रेस से माफी की मांग

करौली में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकाला। कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत के गायन के दौरान नेताओं के कथित व्यवहार को लेकर भाजपा ने विरोध जताया। मशाल जुलूस के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की।

भाजपा कार्यकर्ता हाथों में मशाल लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ और भारत माता की जय के नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्रगीत देश की स्वतंत्रता की लड़ाई और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसके सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन के दौरान कुछ नेताओं का व्यवहार राष्ट्रगीत के सम्मान के अनुरूप नहीं था। इसी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। भाजपा ने इसे देश और राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

मशाल जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर देशभर में जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कथित घटना को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग भी की।

भाजपा नेताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। इस गीत ने स्वतंत्रता सेनानियों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में भूमिका निभाई। ऐसे में राष्ट्रगीत के प्रति किसी भी तरह का कथित असम्मान देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि किसी तरह की गलती हुई है तो देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

मशाल जुलूस के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगें रखीं। जुलूस के कारण शहर में कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल गरमाया रहा।

वहीं, ‘वंदे मातरम्’ को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। अलग-अलग जिलों में भाजपा कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन और मशाल जुलूस निकालकर कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के कथित अपमान का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर बनी हुई है।

करौली में निकाला गया मशाल जुलूस इसी राजनीतिक विवाद की कड़ी माना जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत के सम्मान के मुद्दे पर पार्टी आगे भी विरोध जारी रखेगी और कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग करेगी।