Karoli कृष्ण जन्म का प्रसंग सुन विभोर हुए श्रोता, प्रसादी की वितरित
करौली न्यूज़ डेस्क, कस्बे के पंचमेड़ी धाम स्थित नृसिंह भगवान मंदिर में पांच दिन से चल रही भागवत कथा स्पताह से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।भागवत कथा में वृंदावन सा अहसास हो रहा है। सर्द ऋतु में कथा सुनने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ उमड़ रही है। संत मुनिश्वर दास महाराज के सानिध्य में आयोजित भागवत कथा में गंगापुरसिटी के आचार्य पंडित विष्णु शरण शास्त्री ने प्रवचन में कहा कि धरती को पापियों से मुक्त कराने के लिए भगवान ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया। कथा में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ तो पूरे पांडाल में नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारे गूंज उठे। इस मौके पर बालकृष्ण भगवान की झांकी सजाई गई। महिला पुरुष श्रद्धालुओं ने झांकी के दर्शन कर माखन मिश्री का भोग लगाया। आरती कर पूजा अर्चना की। आचार्य ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि वासुदेव व देवकी की सात संतानों को कंस मार चुका था। अब आठवां बालक पैदा होने वाला था। आसमान में घने बादल के साथ बिजली कड़क रही थी। बारिश के बीच धरती को पापियों से मुक्त करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लिया। इस मौके पर भक्तों को बधाई स्वरूप छाक लुटाई गई। आचार्य ने कहा कि कलयुग में भागवत सुनने से प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कई जन्मों के पापों का नाश होता है। आचार्य ने प्रवचन करते हुए कहा कि परमात्मा की दृष्टि में प्रत्येक जीव समान होता है। ईश्वर प्रत्येक प्राणी के हृदय में वास करते हैं। मनुष्य को हमेशा धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। अच्छे लोगों की संगत करनी चाहिए। भागवत कथा में शुभारंभ में यजमानों की ओर से पूजन किया गया। इस मौके पर लक्ष्मी नारायण शर्मा, टीनू पंडित, हुकम प्रजापत, बाड़ा पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि शिवचरण मोदी आदि मौजूद रहे।
