Karoli भागवत कथा सुन विभोर हुए श्रोता, सजाई झांकी
करोली न्यूज़ डेस्क, गुढ़ाचंद्रजी कस्बे के पंचमेड़ी धाम स्थित नृसिंह भगवान मंदिर परिसर में आयोजित भागवत कथा में आसपास के एक दर्जन गांवों के सैकड़ों महिला, पुरुष भक्ति रसपान कर रहे हैं। संत मुनिश्वर दास महाराज के सानिध्य में आयोजित भागवत कथा में गंगापुर सिटी के आचार्य पंडित विष्णु शरण शास्त्री ने प्रवचन करते हुए कहा कि धरती को पापियों से मुक्त कराने के लिए भगवान ने समय-समय पर अवतार लिया। उन्होंने कथा में भक्त प्रहलाद, ध्रुव चरित्र व बामन अवतार की कथा का वृतांत सुनाया। उन्होंने कहा कि भक्ति से ही मोक्ष संभव है। कलियुग में भक्ति से ही जीवन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
भक्त प्रहलाद चरित्र व बामन अवतार का प्रसंग सुनकर श्रोता विभोर हो गए। इस मौके पर बामन भगवान की झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने झांकी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस दौरान जयकारों से माहौल धर्ममय हो गया। कथा के बीच भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। आचार्य ने बताया कि बुधवार को श्री कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया जाएगा। इस मौके पर समाजसेवी लखीराम मीणा, डॉ मुकेश शर्मा, बनवारी गोयल, बाड़ा सरपंच प्रतिनिधि शिवचरण मोदी, सियाराम गुर्जर, हरिकेश मीना, सियाराम मीणा रिंगसपुरा आदि मौजूद रहे।
गुढ़ाचंद्रजी. तिमावा गांव में बस स्टैंड के पास आमजन के सहयोग से तीन दिवसीय सत्संग मंगलवार से शुरू हुआ। कड़ाके की सर्दी के बीच सत्संग में काफी संया में लोग पहुंचे। इस मौके पर दयानंद ज्ञान धाम आश्रम महोबा उत्तरप्रदेश के बाल व्यास शिवम ने सत्संग की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि संतों का संग ही सत्संग कहलाता है। सत्संग को जीवन में उतरने से मनुष्य का कल्याण है। भौतिकवादी युग में आज मनुष्य के पास सत्संग सुनने का समय नहीं है। लेकिन सत्संग के बिना जीवन अधूरा है। ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है। साध्वी विनीता ने प्रवचन में कहा कि सेवा साधना और सत्संग सभी को नियमित रूप से करना चाहिए। भक्ति में मन लगाना चाहिए। इस मौके पर भजन कीर्तन भी हुए। बाल व्यास शिवम भैया ने कहा कि सत्संग के बिना जीवन अधूरा है। इस दौरान क्षेत्रपाल मीणा, छगन नांद, ओमी मीणा, पूर्व ऑडिटर रामेश्वर, सजन मीणा, केदार सोनी आदि मौजूद रहे।
