करौली में नवसंवत्सर दंगे के मुख्य आरोपी अमीनुद्दीन गिरफ्तार
जिले में अप्रैल 2022 में हुए नवसंवत्सर दंगों के मुख्य आरोपी अमीनुद्दीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अमीनुद्दीन करौली नगर परिषद की पूर्व सभापति रशीदा खातून का बेटा है। उसे उप जिला कारागृह हिण्डौन सिटी से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमीनुद्दीन पर दंगों के दौरान उपद्रव फैलाने और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने के गंभीर आरोप हैं। इस मामले में लंबी जांच और तलाशी अभियान के बाद आरोपी की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने बताया कि अमीनुद्दीन को अदालत में पेश किया जाएगा और उसके खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
करौली पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी से जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने का संदेश गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा, चाहे उसका सामाजिक या राजनीतिक प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो।
अप्रैल 2022 में हुए नवसंवत्सर दंगों में शहर के कुछ क्षेत्रों में हिंसा और तोड़फोड़ हुई थी। इस दौरान कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और लोगों में भय का माहौल पैदा हुआ था। आरोपी अमीनुद्दीन पर दंगे भड़काने और हिंसा में सीधे शामिल होने के आरोप हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की पूरी फाइल तैयार की जा रही है। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाए और आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत तुरंत पेश किया जाए।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस गिरफ्तारी का स्वागत किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कानून और व्यवस्था बनाए रखने में प्रभावी साबित होगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधियों से दूर रहें और पुलिस को सहयोग करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि दंगों के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न केवल न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे जिले में अन्य संभावित हिंसक घटनाओं को रोकने का भी संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि कानून का राज सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर सक्रिय कार्रवाई की आवश्यकता होती है।
पुलिस ने यह भी बताया कि अमीनुद्दीन की गिरफ्तारी से जुड़े सुरागों और साक्ष्यों का अध्ययन किया जा रहा है ताकि दंगों के अन्य आरोपी और उनके सहयोगियों तक भी पहुंचा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि आगे की जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि दंगे किस प्रकार भड़काए गए और कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे।
इस गिरफ्तारी से करौली जिले में कानून और व्यवस्था को मज़बूती मिली है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आने वाले समय में किसी भी हिंसक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
