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Karoli जिला चिकित्सालय में आठ माह से ठप पड़े थे तीनों प्लांट, हुई मरमत

 
Karoli जिला चिकित्सालय में आठ माह से ठप पड़े थे तीनों प्लांट, हुई मरमत
करौली न्यूज़ डेस्क, करौली  जिला चिकित्सालय में आठ माह से खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांटों की मरमत शुरू हो गई है। नई दिल्ली से आए पीएसए इंजीनियरों ने 24 सिलेण्डर क्षमता के एक ऑक्सीजन प्लांट को मरमत कर सुचारू कर दिया। इससे चिकित्सालय में 110 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो गया है। हालांकि प्लांट से उत्पादित हो रही ऑक्सीजन की प्रयोगशाला में शुद्धता जांचने के बाद रोगियों को आपूर्ति दी जाएगी। इधर 100 और 75 सिलेण्डर क्षमता के दो ऑक्सीजन प्लांटों की मरमत कार्य प्रक्रियाधीन है।

जिला स्तरीय चिकित्सालय में 3 वर्ष पहले कोरोनाकाल में स्थापित हुए तीन ऑक्सीजन प्लांट मरमत के अभाव में 8 माह से ठप होने को लेकर 28 सितबर के अंक में सरकार ले रही सुध न चिकित्सालय प्रशासन दे रहा ध्यान, 8 माह से ठप तीनों ऑक्सीजन प्लांट शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें सरकार और चिकित्सालय प्रशासन की उदासीनता से प्रतिदिन बाहर से 25 सिलेण्डर मंगाने से आरएमआरएस पड़ रहे आर्थिक भार को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होने से हरकत में आए चिकित्सालय प्रशासन के उच्चाधिकारियों से पत्राचार करने के बाद प्लांटों की मरमत की कवायद शुरू की गई। राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम द्वारा सर्वे करने के बाद नई दिल्ली की जीकेएस कपनी को प्लांट मरमत व संचालन के लिए नियमित रख रखाव के लिए अधिकृत किया गया। गत दिवस जीकेएस कपनी से आए पीएसए इंजीनियर रोहित कोहली व रवि सिल्क ने गत दिवस 24 सिलेण्डर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट को शुरू कर दिया।

तीन वर्ष तक होगी सर्विस

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र गुप्ता ने बताया कि राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम ने जीकेएस कपनी को तीनों ऑक्सीजन प्लांटों की मरमत के अलावा तीन वर्ष तक प्लांटों की सर्विस व देखरेख का जिमा भी सौंपा है। इसके तहत प्रति 3 माह व 6 माह में कपनी के इंजीनियरों द्वारा प्लांटों की सर्विस की जाएगी।