व्यापारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद कृषि उपज मंडी में लौट आई रौनक
यूजर चार्ज के विरोध में आयोजित प्रदेश स्तरीय कारोबार बंदी हड़ताल के खत्म होने के तीन दिन बाद कृषि उपज मंडी में फिर से रौनक लौट आई है। सोमवार को मंडी में व्यापारिक गतिविधियों का संचालन शुरू होने से यार्डों में चहल-पहल बढ़ गई।
सूत्रों के अनुसार, मंडी में सोमवार को विभिन्न किस्मों के करीब चार हजार कट्टों की जिंसों की तुलाई की गई। लंबे समय से सून पड़े यार्डों में अब किसानों, व्यापारियों और खरीददारों की आवाजें गूंजने लगी हैं। इस दौरान मंडी में करीब सवा करोड़ रुपए का कारोबार दर्ज किया गया।
व्यापारियों और किसानों ने कहा कि हड़ताल के कारण कुछ समय के लिए व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। किसानों की फसल बाजार तक नहीं पहुंच पा रही थी और खरीदारों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन हड़ताल के समाप्त होने के बाद मंडी में व्यवसाय फिर से सुचारू रूप से शुरू हो गया।
मंडी अध्यक्ष ने बताया कि व्यापारिक कामकाज शुरू होने से अब किसानों की उपज की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सोमवार से ही कई इलाकों से किसान अपनी फसल लेकर मंडी में आने लगे हैं। इस बार कारोबार में तेजी आई है, जिससे किसानों की आमदनी में भी सुधार हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि व्यापारियों की हड़ताल के बाद मंडी में व्यापारिक गतिविधियों का फिर से शुरू होना किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात है। उन्होंने बताया कि बाजार में ताजी फसल की उपलब्धता से उपभोक्ताओं को भी उचित मूल्य पर कृषि उत्पाद मिलने में मदद मिलती है।
स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि हड़ताल के दौरान यूजर चार्ज को लेकर उनके मुद्दों पर ध्यान दिया गया और समाधान के प्रयास किए गए। अब जब हड़ताल समाप्त हो गई है, तो मंडी में व्यापारिक माहौल सामान्य रूप से बहाल हो गया है। उन्होंने कहा कि मंडी में कारोबार की नियमितता से कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहती है और किसानों का उत्साह भी बढ़ता है।
किसानों का कहना है कि मंडी में तुलाई और नीलामी के शुरू होने से उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होता है। उन्होंने व्यापारियों और प्रशासन का धन्यवाद किया कि उन्होंने मंडी को सुचारू रूप से संचालन में रखा।
इस प्रकार, यूजर चार्ज के विरोध में हुई प्रदेश स्तरीय हड़ताल के समाप्त होने के बाद कृषि उपज मंडी में व्यापारिक रौनक लौट आई है। मंडी में नीलामी और तुलाई से किसानों और व्यापारियों दोनों को लाभ हो रहा है। आने वाले दिनों में मंडी में उपज की आवक और कारोबार बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थानीय कृषि और अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
