आखिर हनुमान बेनीवाल पर क्यों भड़का राजपुर समाज ?कहा- 'अब समय आ गया है मुंहतोड़ जवाब देने का....'
जयपुर में एसआई भर्ती रद्द करने की मांग कर रहे हनुमान बेनीवाल के खिलाफ राजपूत समाज ने मोर्चा खोल दिया है। क्षत्रिय समाज पर दिए गए उनके बयान से समाज में रोष है। क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने बताया कि 'क्षत्रिय स्वाभिमान अस्मिता महासम्मेलन' की घोषणा की गई है। संगठन 8 जून को दोपहर 2 बजे नागौर में महासम्मेलन करेगा। शेखावत ने कहा कि नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक बार फिर हमारे क्षत्रिय स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस किया है। यह पहली बार नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई बार हमारे मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है, हमारी अस्मिता को चुनौती दी गई है।
या तो इतिहास बनाएंगे या खुद इतिहास बन जाएंगे- राज शेखावत
क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष ने कहा, "बस बहुत हो गया। अब मुंहतोड़ जवाब देने का समय आ गया है। अब न तो अपमान सहेंगे और न ही चुप रहेंगे। हम अंत तक लड़ेंगे। यह सिर्फ एक सम्मेलन नहीं है, यह हमारे स्वाभिमान की हुंकार है। यह हर क्षत्रिय भाई-बहन का आह्वान है कि इस बार संघर्ष अंतिम होगा, जवाब निर्णायक होगा। इस बार निर्णय लेकर आइए- या तो इतिहास बनाएंगे या खुद इतिहास बन जाएंगे।" बेनीवाल ने राजस्थान के इतिहास के बारे में कहा कि यहां कभी युद्ध नहीं लड़े गए। यहां हमेशा समझौता होता रहा है। नागौर सांसद ने कहा था कि जब मुगल सेना यहां आती थी तो वे अपनी बेटी को लेकर 70 किलोमीटर पहले पहुंच जाते थे।
बेनीवाल ने कहा था- गलतफहमी दूर कर लीजिए, आप अकेले क्षत्रिय नहीं हैं
हाल ही में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा था कि आप इस देश में अकेले क्षत्रिय नहीं हैं, यह गलतफहमी दूर कर लीजिए। भारत में सबसे बड़ा क्षत्रिय जाट है, उसके बाद यादव और उसके बाद गुर्जर। पटेल, पाटिल और मराठा भी क्षत्रिय हैं। आखिर में आपकी बारी आती है।
भाजपा पर जातिगत विभाजन का आरोप
नागौर सांसद ने भाजपा पर राजस्थान में जातिगत विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने गुर्जर-मीणा समुदाय को आपस में लड़ाया और जाट-राजपूतों के बीच भी मतभेद पैदा किया। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस के नेता सिर्फ हंगामा करके अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।
