मानसून की बरसात से राजस्थान का यह बांध 28 साल बाद लबालब, पानी की आवक से खेतों में फिर लौटी उम्मीद
राजस्थान में इस बार मानसून पूरी तरह मेहरबान है। राज्य में भारी बारिश के चलते कई बांध लबालब हो गए हैं। इसी बीच करौली जिले से एक अच्छी खबर आई है। जिले का दूसरा सबसे बड़ा बांध 28 साल बाद छलक गया है। हिंडौन क्षेत्र के जगर बांध पर चादर चलते ही किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। 30 फीट भराव क्षमता वाला जगर बांध इससे पहले वर्ष 1997 में भरा था। उस समय बांध की भराव क्षमता 26 फीट 8 इंच थी। वर्ष 2003 में बांध की ऊंचाई बढ़ाकर 30 फीट कर दी गई थी। इसके बाद पहली बार जगर बांध छलक रहा है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
हिंडौन सिटी के जगर बांध पर देर रात चादर चलने लगी। बांध के लबालब होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। लोग लबालब भरे बांध को देखने पहुंच रहे हैं। वहीं, हिंडौन उपखंड अधिकारी हेमराज गुर्जर ने लोगों से बांध क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है। आमजन की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं।
ग्रामीणों में खुशी की लहर
28 साल बाद बांध के छलकने से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस बांध से 26 गांवों की करीब 5900 बीघा भूमि की सिंचाई होती है। ग्रामीणों ने बताया कि बांध हर दो साल में छलक जाता था। लेकिन, 1998 के बाद यह पहला मौका है जब बांध छलक गया है।
वर्ष 2003 में बढ़ाया गया था बांध का गेज
जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता उम्मेद सिंह ने बताया कि जागर बांध का निर्माण वर्ष 1957 में हुआ था, तब बांध की भराव क्षमता 24 फीट थी। वर्ष 1981 में बांध की भराव क्षमता बढ़ाकर 26.8 इंच कर दी गई थी। इसके बाद वर्ष 2003 में बांध का गेज 30 फीट कर दिया गया था।
