जहाँ गई कई जाने उस गुर्जर आंदोलन स्थल पर 8 जून को होगी महापंचायत, न्योते के लिए गांव-गांव बांटे गए पीले चावल
अपने हक और अधिकार के लिए एक बार फिर संगठित होकर गुर्जर समाज संघर्ष की राह पर आ गया है। आठ जून को भरतपुर जिले के ऐतिहासिक पीलूपुरा धरना स्थल पर विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह वही स्थान है, जहां वर्ष 2007-08 के आरक्षण आंदोलनों के दौरान समाज के कई युवाओं ने अपनी जान गंवाई थी। इस विशाल महापंचायत को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। समाज के युवा, बुजुर्ग और नेता पारंपरिक पीले चावल बांटकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। इसमें करौली, भरतपुर, कोटा, दौसा, टोंक, बूंदी, सवाई माधोपुर के साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न जिलों से सैकड़ों लोग भाग लेंगे।
इन मांगों को लेकर जुट रहा है गुर्जर समाज
समाज की मुख्य मांगों में पांच प्रतिशत आरक्षण की पूर्ण बहाली, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेना, शहीदों व घायलों के परिजनों को सरकारी नौकरी देना, देवनारायण बोर्ड की नियमित समीक्षा बैठक शामिल है। समाज का आरोप है कि इन मुद्दों पर सरकार की चुप्पी निराशाजनक व आक्रोशित करने वाली है। न तो पीड़ित परिवारों को न्याय मिला है और न ही देवनारायण बोर्ड सक्रिय है।
मांगों की अनदेखी की तो होगा बड़ा आंदोलन
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता हाकिम बैंसला ने कहा कि यह आयोजन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि सरकार ने मांगों की अनदेखी की तो अगला कदम बड़ा आंदोलन होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। यह महापंचायत प्रदेश स्तरीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का रूप ले चुकी है, जिसमें समाज की एकता व संघर्ष का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
