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जोधपुर के आसमान में गरजेंगे दुनिया के लड़ाकू विमान, ‘तरंग शक्ति-2026’ युद्धाभ्यास शुरू; 8 देशों की वायु सेनाएं लेंगी हिस्सा

 
जोधपुर के आसमान में गरजेंगे दुनिया के लड़ाकू विमान, ‘तरंग शक्ति-2026’ युद्धाभ्यास शुरू; 8 देशों की वायु सेनाएं लेंगी हिस्सा

जोधपुर के आसमान में शनिवार से दुनिया के कई अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई देगी। भारतीय वायुसेना की मेजबानी में बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ का दूसरा चरण शनिवार से जोधपुर एयरबेस पर शुरू हो गया। यह अभ्यास 12 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें भारत समेत 8 देशों की वायु सेनाओं के जवान और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

‘तरंग शक्ति-2026’ का उद्देश्य भाग लेने वाली वायु सेनाओं के बीच संयुक्त अभियान, संचालन और आपसी समन्वय से जुड़े अनुभवों को साझा करना है। अभ्यास के दौरान विभिन्न देशों के वायु योद्धा एक-दूसरे के साथ प्रशिक्षण गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। इससे अलग-अलग वायु सेनाओं को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा।

जोधपुर एयरबेस पर आयोजित होने वाले इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के साथ मित्र देशों की वायु सेनाएं भी शामिल हो रही हैं। युद्धाभ्यास के दौरान आसमान में विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य विमान उड़ान भरते नजर आएंगे। इससे जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को भी कई दिनों तक आसमान में सैन्य विमानों की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

तरंग शक्ति जैसे बहुराष्ट्रीय अभ्यास आधुनिक हवाई युद्ध की बदलती जरूरतों के बीच महत्वपूर्ण माने जाते हैं। अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के एक साथ प्रशिक्षण लेने से पायलट और ग्राउंड स्टाफ को संयुक्त अभियानों में समन्वय बढ़ाने का अनुभव मिलता है। इसके अलावा अभ्यास के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने और मिशन को बेहतर तरीके से संचालित करने की प्रक्रियाओं पर भी प्रशिक्षण होता है।

जोधपुर का एयरबेस भारतीय वायुसेना के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों में शामिल है। पश्चिमी राजस्थान में स्थित होने के कारण यहां नियमित रूप से विभिन्न प्रकार के वायुसेना अभ्यास और प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित होती रहती हैं। रेगिस्तानी क्षेत्र का वातावरण भी वायुसेना के प्रशिक्षण के लिहाज से अलग तरह की परिस्थितियां उपलब्ध कराता है।

‘तरंग शक्ति-2026’ के दौरान भारत के साथ शामिल होने वाले देशों के वायु योद्धा संयुक्त गतिविधियों में भाग लेंगे। अभ्यास 12 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान जोधपुर के आसमान में लड़ाकू विमानों की उड़ानों के कारण शहर और आसपास के इलाकों में लोगों की नजरें भी आसमान पर रहेंगी।

बहुराष्ट्रीय अभ्यास के जरिए भारतीय वायुसेना को मित्र देशों के साथ परिचालन सहयोग और आपसी समझ को बढ़ाने का अवसर मिलेगा। वहीं, इसमें भाग लेने वाली विदेशी वायु सेनाओं के लिए भी भारतीय वायुसेना के साथ संयुक्त प्रशिक्षण का अनुभव महत्वपूर्ण होगा। शनिवार से शुरू हुआ यह अभ्यास आने वाले दिनों में जोधपुर एयरबेस और आसपास के हवाई क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहेगा।