Aapka Rajasthan

जोधपुर जनसुनवाई में हंगामा: चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर डिस्कॉम अधिकारी पर भड़के, ग्रामीणों की शिकायत पर सख्त रुख

 
जोधपुर जनसुनवाई में हंगामा: चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर डिस्कॉम अधिकारी पर भड़के, ग्रामीणों की शिकायत पर सख्त रुख

Jodhpur में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय माहौल गर्मा गया जब राजस्थान सरकार के चिकित्सा मंत्री Gajendra Singh Khinvsar ने बिजली विभाग के एक इंजीनियर अधिकारी पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों और लापरवाही के आरोपों के बीच मंत्री का यह सख्त रुख चर्चा का विषय बन गया है।

यह पूरा मामला जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने मंत्री के सामने शिकायत करते हुए कहा कि क्षेत्र का सहायक अभियंता (AEN) उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनता और बार-बार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं किया जाता। ग्रामीणों की यह बात सुनते ही मंत्री खींवसर का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने मौके पर ही संबंधित डिस्कॉम अधिकारी को फटकार लगाई।

मंत्री ने जनसुनवाई के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब जनता अपनी समस्या लेकर आती है और अधिकारी उन्हें अनसुना करते हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। इसी दौरान उन्होंने आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि “वे कहते हैं कि इन्हें एक्स्ट्रा चार्ज दो, लेकिन धूल तो मेरी उड़ रही है।” मंत्री के इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हलचल तेज हो गई और माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।

घटना के दौरान बिजली विभाग से जुड़े अधिकारी DISCOM के इंजीनियर पर सीधे आरोप लगाए गए कि वे ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं करते और कई मामलों में सुनवाई से बचते हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

मंत्री खींवसर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यदि भविष्य में ऐसी शिकायतें मिलती रहीं तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

जनसुनवाई में मौजूद लोगों के अनुसार, मंत्री का यह सख्त रुख ग्रामीणों के लिए राहत की बात रहा, क्योंकि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर परेशान थे। कई ग्रामीणों ने कहा कि वे उम्मीद लेकर आए थे कि उनकी बात सुनी जाएगी और मौके पर ही समाधान मिलेगा।

इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। वहीं, ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि उनकी बिजली संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।