एआई से ट्रेन टिकट में हेरफेर कर चार बार यात्रा करने का मामला, जोधपुर में दो यात्री गिरफ्तार
जोधपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में डिजिटल धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक की मदद से ट्रेन टिकट में एडिट कर चार बार यात्रा करने वाले दो यात्रियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मूल टिकट 22 मार्च को कर्नाटक के कुनिगल से जारी हुआ था, जिसे बाद में एडिट कर बार-बार उपयोग किया गया।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह मामला उस समय उजागर हुआ जब जोधपुर स्टेशन पर टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों के टिकट में असामान्य बदलाव पाए गए। जांच के दौरान पता चला कि प्रस्तुत किया गया टिकट मूल रूप से केवल एक यात्रा के लिए वैध था, लेकिन उसमें डिजिटल तरीके से संशोधन कर यात्रा की तारीख और विवरण बदल दिए गए थे।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए दोनों यात्री तकनीकी रूप से एआई आधारित टूल्स और एडिटिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग कर टिकट में बदलाव करते थे। वे एक ही टिकट का उपयोग अलग-अलग तारीखों और ट्रेनों में यात्रा के लिए करते रहे, जिससे रेलवे को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार है जब इस तरह का एआई-आधारित टिकट फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामले को गंभीर मानते हुए इसे साइबर क्राइम से जोड़कर भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल टिकट की प्रामाणिकता जांचने के लिए अब और सख्त सिस्टम लागू करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मूल टिकट कर्नाटक के कुनिगल से 22 मार्च को जारी हुआ था, जो एक बार की यात्रा के लिए मान्य था। लेकिन यात्रियों ने टिकट की डिजिटल कॉपी में बदलाव कर अलग-अलग यात्रा तिथियां और विवरण जोड़ दिए, जिससे वे चार बार बिना नया टिकट खरीदे यात्रा करने में सफल रहे।
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी जांच में यह भी सामने आया है कि टिकट के क्यूआर कोड और प्रिंट डिटेल्स में छेड़छाड़ की गई थी। हालांकि, आधुनिक सत्यापन प्रणाली के कारण अंतिम चरण में यह धोखाधड़ी पकड़ में आ गई।
घटना के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनसे यह भी जानकारी ली जा रही है कि क्या इस तरह की धोखाधड़ी में और लोग भी शामिल हैं या यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना के बाद यात्रियों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि डिजिटल टिकट में किसी भी तरह की छेड़छाड़ गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, एआई और डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग को रोकने के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और रेलवे पुलिस इस बात की तहकीकात कर रही है कि इस तकनीकी फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा है।
