भेड़िए के काटने के बाद युवक में गंभीर मानसिक बदलाव, इलाज करने से डॉक्टरों ने भी खड़े कर दिए हाथ
हाल ही में जोधपुर के लूणी कस्बे में एक जंगली भेड़िये ने कई लोगों को घायल कर दिया था। इसके बाद उन लोगों को रेबीज़ का इंजेक्शन लगाया गया था। लेकिन बताया जा रहा है कि इनमें से एक युवक मंगनाराम को समय पर रेबीज़ का इंजेक्शन न मिलने के कारण अब उसमें रेबीज़ के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। पीड़ित को जब लूणी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया तो वहाँ से उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया। लेकिन परिजन उसे वापस अपने घर ले गए। इसके बाद युवक की तबीयत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। दरअसल, पिछले कुछ दिनों में लूणी इलाके में भेड़ियों ने कई लोगों और जानवरों पर हमला किया था। इसके बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
भेड़िये को मारने के आरोप में ग्रामीणों को जेल
ग्रामीणों ने भेड़िये को भी मार डाला था और उस मामले में दो लोगों को जेल जाना पड़ा था। लेकिन भेड़िये के काटने के बाद मंगनाराम मेघवाल को समय पर रेबीज़ का इंजेक्शन नहीं मिला। इसके बाद धीरे-धीरे उसकी तबीयत बिगड़ती गई। अब वह चीखता-चिल्लाता है और अजीबोगरीब हरकतें करता है।
डॉक्टर बोले- लक्षण दिखने के बाद इलाज नहीं
जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी का कहना है कि रेबीज के लक्षण दिखने के बाद इलाज नहीं है। लेकिन अगर परिवार वाले चाहें तो वह उसे भर्ती करने को तैयार हैं। इस बीच, युवक का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसकी परेशानी साफ दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों को आशंका- उन्हें भी हो सकता है रेबीज
युवक का परिवार बेहद गरीब है और परिवार के लोग घर पर ही उसकी देखभाल में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि युवक जोर-जोर से चिल्ला रहा है और उसे सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही है। इसके अलावा उसके मुंह में छाले भी पड़ गए हैं। ऐसे में अब ग्रामीणों को डर है कि उसके संपर्क में आने वाले लोगों को भी रेबीज हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उस व्यक्ति के संपर्क में आए सभी लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाए और उन्हें उपचार दिया जाए।
