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राजेंद्र राठौड़ का छात्रसंघ पर बयान, बोले- 'लोकतंत्र की फुलवारी है छात्रसंघ, यहां कई तरह के पुष्प बैठे हैं

 
राजेंद्र राठौड़ का छात्रसंघ पर बयान, बोले- 'लोकतंत्र की फुलवारी है छात्रसंघ, यहां कई तरह के पुष्प बैठे हैं

जोधपुर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने छात्रसंघ और राजनीति से जुड़े अपने अंदाज में बयान दिया। उन्होंने छात्रसंघ को लोकतंत्र की फुलवारी बताते हुए कहा कि यहां से निकले कई लोग आज राजनीति के अलग-अलग मुकाम पर पहुंचे हैं।

एक कार्यक्रम के दौरान राजेंद्र राठौड़ ने कहा, "छात्रसंघ को लोकतंत्र की फुलवारी कहते हैं। इसे सींचने वाले ओम माथुर यहां बैठे हैं। यहां कई तरह के पुष्प बैठे हैं। कुछ मेरी तरह पूर्व हो गए और कुछ सतीश पूनिया जैसे अभूतपूर्व हो गए।"

अपने संबोधन में राठौड़ ने छात्र राजनीति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ राजनीति की पहली पाठशाला होती है, जहां से युवाओं को नेतृत्व, संघर्ष और संगठन की सीख मिलती है।

छात्र राजनीति से निकले कई बड़े चेहरे

राठौड़ ने कहा कि छात्रसंघ ने देश और प्रदेश की राजनीति को कई बड़े नेता दिए हैं। छात्र जीवन में सक्रिय रहने वाले कई लोग आगे चलकर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हैं।

उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि छात्र राजनीति से जुड़े लोग अलग-अलग भूमिकाओं में आगे बढ़े हैं। किसी ने संगठन में जिम्मेदारी संभाली तो किसी ने सरकार और जनसेवा के क्षेत्र में काम किया।

राजनीतिक सफर का किया जिक्र

राजेंद्र राठौड़ ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र जीवन से ही लोगों को समाज और राजनीति को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम रहा है।उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके संबोधन को ध्यान से सुना।फिलहाल, राठौड़ का यह बयान छात्र राजनीति और उससे जुड़े नेताओं को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।