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राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पेंडिंग सड़क हादसे का केस सरकारी नौकरी से वंचित करने का आधार नहीं

 
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पेंडिंग सड़क हादसे का केस सरकारी नौकरी से वंचित करने का आधार नहीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि केवल सड़क दुर्घटना का क्रिमिनल केस कोर्ट में विचाराधीन (Pending Trial) होना किसी चयनित अभ्यर्थी को सरकारी नौकरी देने से इनकार का आधार नहीं बन सकता। यह आदेश जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की एकल पीठ ने दिया।

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि पेंडिंग मामले के कारण किसी योग्य और चयनित उम्मीदवार को नौकरी से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। न्यायालय ने कहा कि सरकारी भर्ती में उम्मीदवार की योग्यता, चयन प्रक्रिया और मेरिट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि केवल अभी विचाराधीन आपराधिक मामलों को आधार बनाकर अवसरों को सीमित किया जाए।

इस मामले में एक अभ्यर्थी को सरकारी नौकरी में चयन के बाद, सड़क दुर्घटना के तहत दर्ज पेंडिंग क्रिमिनल केस को लेकर नौकरी देने से इंकार कर दिया गया था। अभ्यर्थी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद स्पष्ट किया कि यदि मामले में अभी तक कोई सजा या दोषसिद्धि नहीं हुई है, तो उसे नौकरी से वंचित करना अनुचित होगा।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि न्यायपालिका और प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ योग्य और सक्षम उम्मीदवारों को अवसर देने का होना चाहिए। पेंडिंग मामलों को लेकर पूर्वाग्रह या अनुचित निर्णय नियुक्ति प्रक्रिया में बाधा नहीं डाल सकते।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला सरकारी भर्ती प्रणाली में मेरिट और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे चयनित अभ्यर्थियों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा होगी और उन्हें केवल पेंडिंग मामलों के कारण नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकेगा।

कोर्ट ने प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे इस निर्णय को भविष्य की नियुक्तियों में ध्यान में रखें। इसके अलावा, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी अभ्यर्थी के खिलाफ बाद में सजा होती है, तो तब प्रशासन संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई कर सकता है।

यह फैसला राजस्थान के सरकारी भर्ती और न्याय व्यवस्था में नया मिसाल बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे न केवल उम्मीदवारों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित होगी।