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राजस्थान हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालतों में वकील चैंबर निर्माण में देरी पर जताई सख्ती

 
राजस्थान हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालतों में वकील चैंबर निर्माण में देरी पर जताई सख्ती

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण से जुड़े आदेशों की समयबद्ध अनुपालना नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में स्पष्ट नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को निर्देशों के पालन में तेजी लाने के संकेत दिए हैं।

यह मामला अधीनस्थ न्यायालय परिसरों में वकीलों के लिए आवश्यक चैंबर सुविधाओं के निर्माण से जुड़ा है, जिसे लेकर पहले भी हाईकोर्ट द्वारा निर्देश जारी किए जा चुके थे। हालांकि, निर्धारित समय सीमा में इन आदेशों के पूर्ण क्रियान्वयन में देरी सामने आने पर अब अदालत ने सख्त टिप्पणी की है।

मामले की सुनवाई जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ द्वारा की गई। पीठ ने सुनवाई के दौरान संबंधित विभागों से प्रगति रिपोर्ट तलब की और यह जानना चाहा कि पूर्व आदेशों का पालन किस स्तर तक किया गया है।

अदालत ने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का उपलब्ध होना न्यायिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं है। चैंबर निर्माण जैसे मुद्दे केवल अधिवक्ताओं की सुविधा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह न्यायिक प्रक्रिया की दक्षता से भी सीधे जुड़े हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि भविष्य में आदेशों के क्रियान्वयन में और देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक निर्देशों का पालन समय पर और गंभीरता के साथ किया जाना आवश्यक है।

इस मामले को लेकर राज्य के विभिन्न अधिवक्ता संगठनों ने भी पहले चिंता जताई थी और चैंबर निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की थी। उनका कहना है कि पर्याप्त बुनियादी ढांचे के अभाव में अधिवक्ताओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब संबंधित विभागों पर इन निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने का दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस दिशा में ठोस प्रगति देखने को मिल सकती है।

फिलहाल, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं और पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखने की बात कही है।