जोधपुर में बदली वार्डों की तस्वीर, 160 से घटकर 100 हुए वार्ड; 11 सितंबर को होगा मतदान
जोधपुर नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। नए परिसीमन के बाद शहर के वार्डों की पूरी तस्वीर बदल चुकी है। पहले जहां जोधपुर में 160 वार्ड थे, वहीं परिसीमन के बाद इनकी संख्या घटकर 100 वार्ड रह गई है। अब इन्हीं 100 वार्डों में पार्षद पद के लिए चुनाव कराया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 11 सितंबर को मतदान होगा। वार्डों की सीमाएं बदलने के कारण कई पुराने वार्ड खत्म हो गए हैं, जबकि कई क्षेत्रों को नए वार्डों में शामिल किया गया है। ऐसे में मतदाताओं के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों के सामने भी नए समीकरणों के हिसाब से रणनीति बनाने की चुनौती है।
परिसीमन से बदले चुनावी समीकरण
नए परिसीमन के बाद जोधपुर के कई इलाकों की वार्ड पहचान बदल गई है। जो क्षेत्र पहले अलग-अलग वार्डों में आते थे, उनमें से कई को नए वार्डों के साथ जोड़ा गया है। वहीं कुछ वार्डों का क्षेत्रफल और सीमा भी बदल गई है।
इस बदलाव का असर सीधे राजनीतिक समीकरणों पर पड़ने वाला है। पुराने पार्षदों और संभावित प्रत्याशियों को अब नए वार्डों में मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी। राजनीतिक दल भी नए परिसीमन के आधार पर टिकट वितरण की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
100 वार्डों में होगा मुकाबला
परिसीमन के बाद जोधपुर में अब कुल 100 वार्ड हैं। इन्हीं वार्डों के लिए पार्षद पद का चुनाव होगा। चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों को अपने-अपने वार्ड में जनसंपर्क तेज करना होगा।
वार्डों की संख्या कम होने के कारण कई सीटों पर पुराने राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। एक ही वार्ड में अलग-अलग इलाकों के जुड़ने से मतदाताओं का सामाजिक और राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित होगा।
11 सितंबर को वोटिंग
जोधपुर के 100 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान प्रस्तावित है। चुनाव की तारीख सामने आने के बाद राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब प्रत्याशी चयन से लेकर प्रचार अभियान तक पर जोर दिया जाएगा।
मतदाताओं के लिए भी नई वार्ड सीमा को समझना जरूरी होगा। परिसीमन के बाद वार्ड नंबर बदलने की वजह से लोगों को यह जांचना होगा कि उनका घर किस वार्ड में आता है और उनका मतदान केंद्र कहां निर्धारित किया गया है।
जोधपुर में 160 से घटकर 100 वार्ड होने के बाद होने वाला यह चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए परिसीमन के बीच 11 सितंबर की वोटिंग में मतदाता किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
