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JNVU में पेंशनर्स का प्रदर्शन, कुलगुरु ने एक महीने की पेंशन का दिया आश्वासन; पूरी पेंशन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

 
JNVU में पेंशनर्स का प्रदर्शन, कुलगुरु ने एक महीने की पेंशन का दिया आश्वासन; पूरी पेंशन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

जोधपुर की जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में पेंशन को लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों का प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। पेंशनर्स ने समय पर पूरी पेंशन नहीं मिलने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुलगुरु ने पेंशनर्स से बातचीत की और उन्हें एक महीने की पेंशन देने का आश्वासन दिया। हालांकि, रिटायर्ड कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उन्हें पूरी पेंशन नहीं मिल जाती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी लंबे समय से पेंशन भुगतान को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि पेंशन उनके जीवनयापन का प्रमुख साधन है और समय पर भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी पेंशनर्स ने विश्वविद्यालय प्रशासन से बकाया पेंशन का जल्द भुगतान करने और भविष्य में नियमित रूप से पेंशन जारी करने की मांग की।

बुधवार को बड़ी संख्या में पेंशनर्स विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। पेंशनर्स का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन उनका अधिकार है। इसके लिए उन्हें बार-बार आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने पेंशनर्स से बातचीत की। दोनों पक्षों के बीच पेंशन भुगतान को लेकर चर्चा हुई। कुलगुरु की ओर से फिलहाल एक महीने की पेंशन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। प्रशासन की ओर से दिए गए इस आश्वासन के बावजूद पेंशनर्स पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए।

पेंशनर्स ने कहा कि उन्हें सिर्फ एक महीने की पेंशन नहीं, बल्कि उनकी पूरी बकाया पेंशन का भुगतान चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पूरी पेंशन नहीं मिल जाती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। रिटायर्ड कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से पेंशन भुगतान में देरी की वजह से कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामने रोजमर्रा के खर्च चलाने की समस्या पैदा हो गई है। उम्र के इस पड़ाव पर दवाइयों, घरेलू जरूरतों और अन्य खर्चों के लिए उन्हें पेंशन पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में पेंशन में देरी उनके लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही है।

पेंशनर्स ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि बकाया राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाए और भविष्य में हर महीने तय समय पर पेंशन जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि केवल आश्वासन देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

वहीं, कुलगुरु की ओर से एक महीने की पेंशन देने के आश्वासन के बाद अब पेंशनर्स की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। यदि तय आश्वासन के अनुसार भुगतान होता है, तो आगे बातचीत का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, पेंशनर्स ने साफ कर दिया है कि पूरी पेंशन मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन बकाया पेंशन के भुगतान को लेकर क्या कदम उठाता है और पेंशनर्स का आंदोलन कब तक जारी रहता है। फिलहाल प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय में पेंशन भुगतान का मुद्दा प्रमुख चर्चा का विषय बना हुआ है।