Jodhpur का पहला एग्रो प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स, खेत-बगीचों से सीधे आएंगे फल, सब्जियां
जोधपुर न्यूज़ डेस्क, जोधपुर शहर में एग्रो प्रोसेसिंग कॉम्पलेक्स बनाए जाने की तैयारी है। एक निजी संस्थान व राज्य सरकार के बीच राइजिंग राजस्थान प्रोजेक्ट के तहत एमओयू साइन हो गया है। सरकार की तरफ ये राज्य के कृषि विभाग के सचिव रंजन विशाल व कंपनी की तरफ से मनीष धारीवाल ने ये एमओयू साइन किया है। कंपनी की ओर से जोधपुर में जर्मनी टेक्नोलॉजी से प्रदेश कली पहला इस तरह का प्लांट स्थापित किया जाएगा।
राइजिंग राजस्थान के तहत जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में साइन एमओयू के तहत जोधपुर में इस कॉम्पलेक्स को विकसित कर यहां प्रोडक्शन शुरू करने के लिए 100 करोड़ रुपए का इनवेस्टमेंट किया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से इस निजी फर्म को भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। जिस पर कंपनी की ओर से सभी सुविधाएं जुटाकर वर्ष 2026 तक इस प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दे दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 100बीघा जमीन मांगी गई है। इस कॉम्पलेक्स में करोड़ों रुपए का एक विशेष प्लांट लगाया जाएगा। शेष | पेज 12
किसानों से खरीदकर क्वालिटी वाइज ग्रेड में बांटेंगे फसलें
प्रोक्यूमेट: किसानों से सीधे सब्जी, फ्रूट व मसालों से जुड़ी फसलें खरीद की जाएगी।
ग्रेडिंग: खरीद के बाद इन्हें क्वालिटी वाइज अलग अलग ग्रेड में बांट दिया जाएगा।
कलरवाइज इन प्रोडेक्ट्स को अलग-अलग कर दिया जाएगा।
मैन्यूफेक्चरिंग: फल के हिस्सों को अलग-अलग कर उन्हें प्रोसेस किया जाएगा।
कोल्ड चैन: इसे प्रोसेस कर इनकी कोल्ड चैन तैयार की जाएगी, जिससे प्रोडेक्ट की क्वालिटी महिनों तक खराब नहीं होगी।
पैकिंग: इन प्रोडेक्ट को पैक करने के लिए पैक हाउस लगाया जाएगा, जहां इनकी विशेष पैकिंग होगी।
छह वेयर हाउस स्थापित होंगे | कंपनी के डायरेक्टर मनीष धारीवाल ने बताया कि इन सभी कार्यों को पूरा करने के लिए छह अलग-अलग वेयर हाउस स्थापित किए जाएंगे। जिसमें कंट्रोल एटमॉसफेयर स्टोरेज, टेम्प्रेचर कंट्रोल स्टोरेज वेयर हाउस, मॉडिफाइ एटमॉसफेयर वेयर हाउस, पैक हाउस, डि हाइड्रेशन वेयर हाउस, हाइली एक्यूरेसी लैब शामिल है। वहीं यहां वाटर हार्वेस्टिंग का प्लांट लगेगा। कंपनी का दावा है कि राजस्थान का ऐसा पहला प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के लिए 100 करोड़ का केपिटल इनवेस्ट मेंट व 50करोड़ की वर्किंग केपिटल का निवेश होगा।
