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jodhpur आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित होगा, रेगिस्तान में बिना रुके बढ़ेगा
 

 जोधपुर न्यूज़ डेस्क, आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ता भारतीय सेना के लिए विशेष वाहन बनाने में लगे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित यह वाहन सड़क पर कार की तरह उबड़-खाबड़ रास्तों पर अपना आकार और स्वरूप बदलकर एक अलग तरह के वाहन में तब्दील हो जाएगा। भारतीय सेना के रेगिस्तान और अन्य क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसका डिजाइन तैयार किया जा रहा है।आईआईटी जोधपुर में रक्षा प्रयोगशाला (डीआरडीओ) द्वारा स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इसकी स्थापना मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. सी वेंकटेशन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम पूरी लगन के साथ इस काम में लगी हुई है। इस टीम का कहना है कि यह यान युद्ध कौशल को पूरी तरह से बदल देगा.

यह टीम ऐसा वाहन तैयार करने में लगी है जो रेगिस्तान या पहाड़ी इलाके में किसी भी दुर्गम जगह को आसानी से पार कर ले। जिस तरह पैदल यात्री आगे बढ़ सकता है, उसी तर्ज पर यह वाहन भी पहुंचेगा। एआई की मदद से इसका ऐसा प्रोग्राम होगा कि परिस्थितियों के हिसाब से यह अपने आप में तेजी से बदलाव करेगा।इसका शुरुआती प्लान DRDO के सामने रखा गया है। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को यह योजना पसंद आई है। अब इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट को देखकर डीआरडीओ सेना की जरूरतों के हिसाब से कुछ संशोधनों का सुझाव देगा। इसके बाद इस पर फाइनल काम शुरू होगा। इसके बाद कुछ कंपनियों की भी मदद ली जाएगी। अभी डिजाइन फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन इतना तय है कि इसका आकार किसी कार से बड़ा नहीं होगा।

माना जा रहा है कि एआई आधारित यह वाहन अपने आप में अनूठा होगा। इसकी मदद से सैनिक युद्ध के दौरान भी कठिन इलाकों में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। आईआईटी सूत्रों का कहना है कि इस तरह के वाहन के निर्माण का विचार सबसे पहले डीआरडीओ के वैज्ञानिकों के साथ एक सामान्य चर्चा के दौरान आया।इसके बाद एक टीम ने इस तरह के वाहन को डिजाइन करने की जिम्मेदारी ली और काम करना शुरू किया। कुछ महीनों की कड़ी मेहनत के बाद शुरुआती खाका तैयार हो गया। माना जा रहा है कि अगर यह यान तैयार हो जाता है तो यह पूरी दुनिया के लिए सबसे अनोखा यान होगा।