जोधपुर में ग्राम पंचायतों के आरक्षण की लॉटरी, 23 पंचायत समितियों में 649 सरपंच पदों का तय होगा आरक्षण
राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच गुरुवार को ग्राम पंचायतों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जा रही है। जोधपुर जिले की 23 पंचायत समितियों में 649 सरपंच पदों और वार्ड पंचों के आरक्षण की स्थिति इस प्रक्रिया के बाद साफ हो जाएगी। इससे गांवों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की दावेदारी भी तय होगी।
इससे एक दिन पहले यानी 23 सितंबर को जोधपुर में पंचायत समितियों के प्रधान और जिला परिषद सदस्यों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली गई थी। मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में हुई प्रक्रिया में जिला परिषद के 43 वार्डों के लिए भी आरक्षण तय किया गया।
आज सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 सितंबर को पंच और सरपंच पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी उपखंड स्तर पर निकाली जा रही है। प्रदेश में इस प्रक्रिया के लिए पंचायतीराज विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए थे। इससे पहले सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी की तारीख दो बार स्थगित हो चुकी थी।
जोधपुर जिले की सभी 23 पंचायत समितियों में ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों के साथ वार्ड पंचों की सीटों का आरक्षण भी निर्धारित किया जाएगा। आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद कई संभावित उम्मीदवार अपनी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दे सकेंगे।
प्रधान पदों का आरक्षण पहले ही तय
जोधपुर जिले की 23 पंचायत समितियों में प्रधान पदों के आरक्षण की तस्वीर बुधवार को ही साफ हो चुकी है। इनमें एससी ओपन के लिए मंडोर और सालवा खुर्द, एससी महिला के लिए कापरड़ा और आसोप, एसटी ओपन के लिए बालेसर, ओबीसी ओपन के लिए चामू और तिंवरी तथा ओबीसी महिला के लिए हतुंडी और आगोलाई पंचायत समितियां आरक्षित हुई हैं।
इसके अलावा अनारक्षित श्रेणी में चाबा, झंवर, बावली, बिलाड़ा, भोपालगढ़, शेरगढ़ और समाराऊ तथा अनारक्षित महिला श्रेणी में उम्मेदनगर, ओसियां, केरू, पीपाड़ सिटी, धवा, लूणी और सेखला को रखा गया है।
अब चुनाव कार्यक्रम का इंतजार
23 और 24 सितंबर की आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी। आरक्षण लॉटरी के बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। आयोग की तैयारियों के अनुसार 26 सितंबर के आसपास पंचायत चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना जताई गई है, हालांकि अंतिम कार्यक्रम आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
