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जोधपुर में अब तक 80 फीसदी कम बारिश: 14 सितंबर तक कोई अलर्ट नहीं, न्यूनतम तापमान भी बढ़ा

 
जोधपुर में अब तक 80 फीसदी कम बारिश: 14 सितंबर तक कोई अलर्ट नहीं, न्यूनतम तापमान भी बढ़ा

राजस्थान के जोधपुर जिले में मानसून के दौरान बारिश की स्थिति इस बार चिंताजनक बनी हुई है। जिले में अब तक सामान्य के मुकाबले करीब 80 फीसदी तक कम बारिश दर्ज होने की बात सामने आई है। बारिश की कमी के बीच मौसम विभाग ने फिलहाल 14 सितंबर तक जिले के लिए किसी बड़े मौसम अलर्ट की संभावना नहीं जताई है।

बारिश का दौर कमजोर पड़ने के साथ ही तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। खास तौर पर रात के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

मानसून कमजोर, बारिश का इंतजार

जोधपुर और आसपास के इलाकों में मानसून से अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन इस बार बारिश के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। जिले में सामान्य बारिश की तुलना में करीब 80 फीसदी तक कमी बताई जा रही है।

बारिश की कमी का असर खेती और जलस्रोतों पर भी पड़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में किसान मानसूनी बारिश पर काफी निर्भर रहते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश नहीं होने पर उनकी चिंता बढ़ सकती है।

14 सितंबर तक कोई बड़ा अलर्ट नहीं

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 14 सितंबर तक जोधपुर जिले में भारी बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल छाने या हल्की बारिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।

मौसम के मौजूदा पैटर्न में जोधपुर में दिन के समय गर्मी और रात में उमस का असर बना रह सकता है। उपलब्ध मौसम डेटा में 9 सितंबर को जोधपुर में दिन का तापमान करीब 34-36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान दिख रहा है।

न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी

बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ ही न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। रात का तापमान बढ़ने से लोगों को सुबह के समय भी गर्मी और उमस महसूस हो रही है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने पर तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होना सामान्य स्थिति है। ऐसे में फिलहाल जोधपुर में तेज बारिश के बजाय गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति बनी रह सकती है।

किसानों की बढ़ी चिंता

बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। खरीफ की फसलों के लिए मानसून के अंतिम दौर की बारिश भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो किसानों को फसलों के लिए अतिरिक्त सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

फिलहाल जोधपुर के लोगों को अच्छी बारिश के लिए मौसम में बदलाव का इंतजार है। 14 सितंबर तक बड़े अलर्ट के अभाव में भारी बारिश की उम्मीद कम है, हालांकि मौसम में अचानक बदलाव होने पर स्थानीय स्तर पर बारिश की स्थिति बदल सकती है।