जोधपुर पुलिस की सतर्कता से पकड़ा गया भर्ती परीक्षा नकल गिरोह का मास्टरमाइंड, 25 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में नकल कराने वाले गिरोहों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच जोधपुर पूर्व पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जोधपुर पूर्व पुलिस के दो सजग कॉन्स्टेबलों की सतर्कता और सूझबूझ से आयुष मंत्रालय भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले एक बड़े गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और कोटा पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था।
जानकारी के अनुसार आरोपी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा और नकल कराने वाले संगठित नेटवर्क का मुख्य सरगना माना जा रहा है। आयुष मंत्रालय की भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी कराने के मामले में उसका नाम सामने आया था। इसके बाद से ही वह लगातार पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
बताया जा रहा है कि जोधपुर पूर्व पुलिस के दो कॉन्स्टेबलों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। दोनों पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए सतर्कता दिखाते हुए संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखी और उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई। जांच और पूछताछ के दौरान जब उसकी पहचान सामने आई तो पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपी वही इनामी अपराधी निकला जिसकी तलाश कोटा पुलिस लंबे समय से कर रही थी।
इसके बाद तुरंत कोटा पुलिस को सूचना दी गई। समन्वय के बाद संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली, क्योंकि आरोपी लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए संगठित तरीके से नकल का नेटवर्क संचालित करता था। वह फर्जी अभ्यर्थी बैठाने, तकनीकी उपकरणों के जरिए नकल कराने और मोटी रकम वसूलने जैसे कामों में शामिल रहा है। पुलिस अब उससे जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने दोनों कॉन्स्टेबलों की सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते आरोपी की पहचान नहीं हो पाती तो वह फिर किसी बड़ी परीक्षा में गड़बड़ी कर सकता था। इस कार्रवाई से भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
राजस्थान में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और नकल मामलों के बीच यह गिरफ्तारी बेहद अहम मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं आम लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
