Aapka Rajasthan

जोधपुर में बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने शराब तस्कर को दबोचा, पिकअप से 871 पेटी अवैध शराब बरामद

 
जोधपुर में बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने शराब तस्कर को दबोचा, पिकअप से 871 पेटी अवैध शराब बरामद

जोधपुर जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी निरोधक दल ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने पीपाड़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक पिकअप वाहन में भरकर ले जाई जा रही 871 पेटी अवैध शराब बरामद की गई है, जिसकी बाजार कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है।

आबकारी विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पीपाड़ इलाके से अवैध शराब की बड़ी खेप गुजरने वाली है। सूचना के आधार पर आबकारी निरोधक दल ने नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में शराब की पेटियां भरी हुई मिलीं।

जांच में सामने आया कि बरामद शराब में विस्की शामिल है, जो मध्यप्रदेश में बिक्री के लिए निर्मित की गई थी। इस शराब को अवैध रूप से राजस्थान में लाकर खपाने की तैयारी की जा रही थी। शराब की पेटियों पर मध्यप्रदेश राज्य के लेबल लगे हुए थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह खेप अवैध रूप से परिवहन की जा रही थी।

आबकारी निरोधक दल ने मौके पर ही पिकअप चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

आबकारी अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई 871 पेटी शराब को जब्त कर लिया गया है और पिकअप वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान में अवैध शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सीमावर्ती राज्यों से शराब लाकर अवैध रूप से बेचने के मामलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इस कार्रवाई को आबकारी विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।