जोधपुर मेयर चुनाव: बीजेपी-कांग्रेस के पार्षद निगम पहुंचे, बस से निर्दलीय भी आए; प्रसन्नचंद मेहता ने जीत का किया दावा
जोधपुर नगर निगम के महापौर पद के लिए आज मतदान होना है। मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस के पार्षद नगर निगम पहुंच गए हैं। दोनों दलों ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की हैं। इस बीच निर्दलीय पार्षद भी बस से निगम पहुंचे। मेयर चुनाव को लेकर निगम परिसर के आसपास राजनीतिक हलचल तेज है।
भाजपा प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों उम्मीदवारों ने पहले ही नामांकन दाखिल कर दिया था और रिटर्निंग अधिकारी ने दोनों के नामांकन को मंजूरी दे दी थी। अब आज होने वाले मतदान के बाद मेयर पद का फैसला होगा।
100 सदस्यीय निगम में क्या है गणित?
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 पार्षद हैं। हालिया चुनाव में भाजपा को 45, कांग्रेस को 44, निर्दलीयों को 10 और एक सीट आरएलपी के खाते में गई थी। ऐसे में मेयर पद के लिए दोनों प्रमुख दलों को अतिरिक्त पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। यही वजह है कि निर्दलीय पार्षदों की भूमिका चुनाव में महत्वपूर्ण हो गई है।
भाजपा प्रत्याशी ने किया जीत का दावा
भाजपा के मेयर प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता ने चुनाव से पहले अपनी जीत का दावा किया है। इससे पहले मेहता ने कहा था कि भाजपा के 45 पार्षदों के साथ सात निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी उनके साथ है। हालांकि अंतिम स्थिति मतदान के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रसन्नचंद मेहता वार्ड 82 से निर्वाचित पार्षद हैं। उन्होंने हालिया नगर निगम चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की थी। भाजपा ने विचार-विमर्श के बाद उन्हें महापौर पद का उम्मीदवार बनाया था।
कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को मैदान में उतारा
कांग्रेस ने महापौर पद के लिए वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह सोलंकी को उम्मीदवार बनाया है। नामांकन के बाद दोनों दलों के बीच निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर संपर्क और बैठकों का दौर चलता रहा। कांग्रेस की ओर से भी अपने समर्थन में पार्षदों के आने का दावा किया गया है।
अब सभी की नजर मतदान पर
मेयर चुनाव के लिए आज पार्षद मतदान करेंगे। मतदान पूरा होने के बाद मतगणना होगी और इसके साथ ही जोधपुर नगर निगम को नया महापौर मिल जाएगा। निर्दलीय और अन्य पार्षदों के रुख को देखते हुए मतदान के अंतिम नतीजे पर सभी की नजर है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने उम्मीदवार के समर्थन का दावा कर रहे हैं।
