जोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट, तीन दिन में 2 की मौत:90 प्रतिशत झुलसा तीसरा फायर फाइटर अब भी वेंटिलेटर पर
जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए ब्लास्ट ने फायर फाइटर्स के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे के तीन दिन के अंदर दो फायर फाइटर्स की मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य जवान की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। करीब 90 प्रतिशत तक झुलसे फायर फाइटर का अस्पताल में वेंटिलेटर पर इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में आग लगने की सूचना के बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची थी। आग बुझाने के दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी चपेट में कई फायर फाइटर्स आ गए। हादसे में कई जवान घायल हुए थे, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई थी।
इस हादसे में डूंगरपुर निवासी 19 वर्षीय फायर फाइटर प्रितेश परमार भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वह करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गए थे और उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद शनिवार को उनकी मौत हो गई। प्रितेश फायर फाइटर बनने की ट्रेनिंग ले रहे थे और हादसे के समय टीम के साथ ड्यूटी पर मौजूद थे।
प्रितेश के पिता भी फायर ब्रिगेड में कार्यरत हैं। बेटे की मौत की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया। बताया जा रहा है कि प्रितेश अपने परिवार में दो बहनों के इकलौते भाई थे। उनकी मौत से गांव और अग्निशमन विभाग में शोक की लहर है।
हादसे के बाद घायल फायर फाइटर्स का इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है। वहीं, प्रशासन और पुलिस की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग बुझाने के दौरान फैक्ट्री में मौजूद केमिकल ड्रम में विस्फोट हुआ था। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास मौजूद दमकलकर्मी इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्थाओं और आग बुझाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले फायर फाइटर्स के परिवारों के प्रति संवेदना जताई जा रही है, वहीं घायल जवान के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
