जोधपुर में होलिका दहन सम्पन्न, धुलंडी को लेकर संत समाज की अपील
शहर में सोमवार रात विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया गया। विभिन्न मोहल्लों, चौक-चौराहों और मंदिर परिसरों में शुभ मुहूर्त के अनुसार अग्नि प्रज्वलित की गई। श्रद्धालुओं ने होलिका की परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
होलिका दहन के अगले दिन धुलंडी/रामाश्यामा का पर्व परंपरागत रूप से धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं। शहर के बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारी और मिठाइयों की खरीदारी भी तेज रही।
संत समाज की विशेष अपील
धुलंडी को लेकर बिजोलाई बालाजी आश्रम के महंत एवं महामंडलेश्वर सोमेश्वर गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं को विशेष संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि होली प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता का पर्व है, इसलिए इसे मर्यादा और संयम के साथ मनाया जाना चाहिए।
महंत सोमेश्वर गिरी महाराज ने युवाओं से अपील की कि नशे और हुड़दंग से दूर रहकर प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जबरदस्ती रंग लगाने, अभद्र व्यवहार या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने से पर्व की पवित्रता प्रभावित होती है। होली का असली उद्देश्य आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और सौहार्द बढ़ाना है।
प्रशासन की तैयारियां
शहर में धुलंडी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रहेगा और मुख्य मार्गों पर गश्त बढ़ाई जाएगी। नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
जोधपुर में होलिका दहन के साथ ही अब धुलंडी की तैयारियां चरम पर हैं। लोग पारंपरिक तरीके से रामाश्यामा मनाने की तैयारी में जुटे हैं। संत समाज और प्रशासन की अपील के बीच उम्मीद है कि इस वर्ष भी होली का पर्व शहर में शांति, सौहार्द और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
