'दिल्ली जाने का मतलब पैरवी और बजट लाना', कांग्रेस पर बरसे सतीश पूनिया, बोले- वहां होता है 'दिल्ली जाओ, कांग्रेस बचाओ'
Satish Poonia ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली जाने का मतलब सरकार और प्रदेश के हित में योजनाओं की पैरवी करना तथा विकास कार्यों के लिए बजट लाना होता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में दिल्ली दौरे का उद्देश्य जनता और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाना है।
सतीश पूनिया ने कहा, "दिल्ली जाने का मतलब पैरवी करना होता है। योजनाओं का रिव्यू कर बजट लाना होता है।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में स्थिति इससे अलग है।
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, "कांग्रेस में तो 'दिल्ली जाओ, कांग्रेस बचाओ' की राजनीति होती है।" उनके मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व का अधिकतर ध्यान संगठन और आंतरिक राजनीति पर रहता है, जबकि विकास कार्यों को प्राथमिकता नहीं मिलती।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों का दायित्व केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रदेश के लिए अधिक से अधिक संसाधन और योजनाएं सुनिश्चित करना है। उन्होंने दावा किया कि विकास कार्यों के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सतीश पूनिया का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इसे भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी सियासी बयानबाजी का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
