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इतिहास में पहली बार रात में खुला राजस्थान हाईकोर्ट, आधी रात तक चली सुनवाई; पार्षदों की गिरफ्तारी पर रोक

 
इतिहास में पहली बार रात में खुला राजस्थान हाईकोर्ट, आधी रात तक चली सुनवाई; पार्षदों की गिरफ्तारी पर रोक

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के बीच राजस्थान हाईकोर्ट में रविवार देर रात विशेष सुनवाई का मामला सामने आया। चुनाव से ठीक पहले कुछ पार्षदों और प्रत्याशियों की गिरफ्तारी की आशंका को लेकर दायर याचिकाओं पर अदालत ने अवकाश के दिन विशेष पीठ गठित कर सुनवाई की। बीकानेर के पार्षद मकसूद अहमद समेत कई मामलों में अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाई।

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बीकानेर नगर निगम के वार्ड-18 से निर्वाचित पार्षद और पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद की याचिका पर रविवार रात करीब 10 बजे सुनवाई शुरू हुई। पुलिस की ओर से उन्हें पुराने मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया था। मकसूद अहमद ने अदालत में आशंका जताई कि चुनाव से ठीक पहले पुलिस कार्रवाई होने पर वह सोमवार को होने वाले महापौर चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर विशेष व्यवस्था के तहत जस्टिस सुनील बेनीवाल की पीठ ने मामले की सुनवाई की। रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने करीब रात 11:15 बजे मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगाई और उन्हें 30 सितंबर को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।

इसी तरह हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में भी रविवार रात विशेष सुनवाई हुई। जस्टिस नूपुर भाटी की पीठ ने रात 10 बजे के आसपास सुनवाई शुरू की और कार्यवाही आधी रात के बाद तक चली। अदालत ने इन पार्षदों को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया।

निकाय चुनाव से जुड़े अन्य मामलों में भी अदालत ने राहत दी। कुचेरा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष और पार्षद तेजपाल मिर्धा तथा श्रीविजयनगर नगरपालिका के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुशील मिर्धा उर्फ बिट्टू मिर्धा से जुड़े मामलों में भी गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की जानकारी सामने आई है।

रविवार को अवकाश होने के बावजूद मामलों की तात्कालिकता को देखते हुए हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई की गई। सोमवार को राजस्थान के 273 नगर निकायों में महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले पार्षदों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका वाले मामलों ने अदालत का रुख किया।

बीकानेर नगर निगम में महापौर चुनाव को लेकर भी मुकाबला महत्वपूर्ण है। मकसूद अहमद को मिली न्यायिक राहत के बाद अब उनके चुनाव में हिस्सा लेने का रास्ता साफ हुआ है। वहीं हनुमानगढ़ समेत अन्य निकायों में भी पार्षदों को मिली अंतरिम राहत का असर सोमवार की चुनावी प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

रात में हाईकोर्ट की विशेष सुनवाई और छुट्टी के दिन न्यायिक कार्यवाही इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी याचिकाओं में अदालत ने मामले की तात्कालिकता को देखते हुए सामान्य कार्यदिवस का इंतजार नहीं किया। रिपोर्टों में इसे राजस्थान हाईकोर्ट की असाधारण देर रात की सुनवाई के रूप में बताया गया है।