उत्तर रेलवे के राजपुरा–बठिंडा रेलखंड पर दोहरीकरण व इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कार्य, उत्तर पश्चिम रेलवे की चार ट्रेनों के रूट में बदलाव
उत्तर रेलवे के राजपुरा–बठिंडा रेलखंड पर आगामी दिनों में बड़े स्तर पर दोहरीकरण और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इन तकनीकी और निर्माण गतिविधियों के चलते उत्तर पश्चिम रेलवे की चार प्रमुख ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा। अगले दो महीनों तक ये ट्रेनें अपने निर्धारित मार्ग की बजाय बदले हुए रूट से संचालित की जाएँगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्य रेलवे की दक्षता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजपुरा–बठिंडा सेक्शन पर दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा और इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित होने से इस रूट की सिग्नलिंग व्यवस्था आधुनिक होगी और ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित तथा व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
अधिकारी ने बताया कि कार्य अवधि के दौरान चार ट्रेनों को अस्थायी रूप से परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ कर ली हैं, ताकि किसी यात्री को असुविधा न हो। बदले हुए मार्ग और समय की जानकारी रेलवे की वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबरों और स्टेशनों पर नोटिस बोर्ड के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही है।
रेलवे की ओर से यह भी कहा गया है कि जिन यात्रियों ने इन ट्रेनों में अग्रिम आरक्षण कराया है, उन्हें यात्रा से पहले अपने ट्रेन नंबर और रूट से संबंधित अपडेट अवश्य देख लेना चाहिए। रेलवे ने वैकल्पिक रूट पर सुरक्षा, समय पालन और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि दोहरीकरण और इंटरलॉकिंग का यह कार्य रेलवे के दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन आधुनिक तकनीकों के लागू होने से भविष्य में इस मार्ग पर अधिक ट्रेनों को चलाने की क्षमता विकसित हो सकेगी, साथ ही अगले कई वर्षों तक यात्रियों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त होंगी।
इसके साथ ही रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अस्थायी रूट परिवर्तन को लेकर सहयोग करें और यात्रा के दौरान रेलवे द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। राजपुरा–बठिंडा सेक्शन पर कार्य पूर्ण होने के बाद उत्तर पश्चिम रेलवे की सेवाएँ और अधिक सुचारू और कुशल हो सकेंगी।
