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राजस्थान में नहीं थम रहे प्रसूताओं की मौत के मामले, कोटा-बीकानेर-बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी महिला की मौत

 
राजस्थान में नहीं थम रहे प्रसूताओं की मौत के मामले, कोटा-बीकानेर-बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी महिला की मौत

राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोटा, बीकानेर और बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से प्रदेश में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, जोधपुर में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित इलाज और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने के कारण प्रसूता की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने नाराजगी जताते हुए चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और महिला को बचाने के लिए चिकित्सकों ने हरसंभव प्रयास किए। मौत के वास्तविक कारणों का पता मेडिकल जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में राजस्थान के अलग-अलग जिलों में प्रसूताओं की मौत के मामले लगातार सामने आए हैं। पहले कोटा, फिर बीकानेर और बांसवाड़ा में हुई घटनाओं के बाद अब जोधपुर का मामला भी चर्चा में है। इन घटनाओं ने सरकारी अस्पतालों में प्रसूति सेवाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए समय पर जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान, पर्याप्त चिकित्सा संसाधन और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता बेहद जरूरी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की बात कह रहा है।

प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब कर ली है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किसी चिकित्सकीय जटिलता के कारण हुई या इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही रही।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हुई है।