जोधपुर में दरवाजे सप्लाई करने के नाम पर ठेकेदार से लाखों की ठगी, इंदौर के पिता-पुत्र पर ब्लैकमेलिंग का आरोप
राजस्थान के जोधपुर में निर्माण कार्यों के ठेकेदार के साथ लकड़ी के दरवाजे सप्लाई करने के नाम पर धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि इंदौर के एक प्लाईवुड कारोबारी और उसके पिता ने मिलकर ठेकेदार से लाखों रुपये वसूल लिए, लेकिन तय समय पर पूरे दरवाजों की सप्लाई नहीं की। जब ठेकेदार ने बकाया सामान मांगा तो आरोपियों ने कथित तौर पर धमकियां देनी शुरू कर दीं। पीड़ित की शिकायत पर कोर्ट के इस्तगासे के जरिए राजीव गांधी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, परिवादी मुकेश शर्मा निवासी सैनिकपुरी, शिकारगढ़, जोधपुर जगदीश प्रसाद एंड कंपनी के माध्यम से निर्माण कार्य और सरकारी ठेके लेते हैं। वर्तमान में उनकी फर्म को राजस्थान आवासन मंडल के बड़ली क्षेत्र में एचआईजी और ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स के निर्माण का काम मिला हुआ है। इन फ्लैट्स के लिए लकड़ी के दरवाजों की जरूरत थी।
702 दरवाजों का दिया था ऑर्डर
मुकेश शर्मा के अनुसार, मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित एमपी प्लाईवुड प्रोडक्ट्स के संचालक शनि और उसके पिता जसबीर सिंह ने एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से उनसे संपर्क किया था। दोनों ने भरोसा दिलाया कि वे तय कीमत और समय सीमा में सभी दरवाजे तैयार करके सप्लाई कर देंगे।
इसके बाद 23 जून 2026 को 702 दरवाजों का ऑर्डर दिया गया। दरवाजों की कीमत 90 रुपये प्रति वर्गफीट तय हुई थी और 30 जुलाई तक पूरी सप्लाई करने की सहमति बनी थी। शिकायत के मुताबिक, पहली खेप में 351 दरवाजे मिलने पर मुकेश शर्मा ने आरटीजीएस के जरिए 7 लाख 5 हजार 427 रुपये का भुगतान कर दिया।
हालांकि, शेष 351 दरवाजों की सप्लाई को लेकर आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। तय समय सीमा निकलने के बाद भी सामान नहीं पहुंचा। इससे निर्माण कार्य प्रभावित होने लगा और साइट पर काम करने वाले मजदूरों के खाली बैठने की स्थिति बन गई।
रेट बढ़ाने का दबाव बनाकर लिए डेढ़ लाख रुपये
परिवादी का आरोप है कि 19 अगस्त को आरोपियों ने दरवाजों की कीमत 90 रुपये से बढ़ाकर 93 रुपये प्रति वर्गफीट करने का दबाव बनाया। इसके बाद भी सप्लाई नहीं की गई। आरोप है कि 20 अगस्त को आरोपियों ने डेढ़ लाख रुपये और मांगे। ठेकेदार ने यह रकम भी ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी, लेकिन इसके बावजूद बाकी दरवाजे नहीं मिले।
मुकेश शर्मा का कहना है कि जब उन्होंने दोबारा सामान की मांग की तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए धमकियां दीं। आरोपियों ने कथित तौर पर अपनी गैंग और प्रभावशाली लोगों से पहचान होने की बात कहकर डराया। इसके बाद दरवाजों की कीमत बढ़ाकर 101 रुपये प्रति वर्गफीट करने की बात कही गई।
सरकारी प्रोजेक्ट में हुआ आर्थिक नुकसान
शिकायत के मुताबिक, दरवाजों की सप्लाई नहीं होने से सरकारी निर्माण परियोजना का काम प्रभावित हुआ। ठेकेदार को दूसरी फर्म से महंगे दामों पर दरवाजे तैयार करवाने पड़े। इसके अलावा मजदूरों के दोबारा इंतजाम और काम में देरी के कारण भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। परिवादी ने करीब 8 से 10 लाख रुपये तक के नुकसान का दावा किया है।
फिलहाल राजीव गांधी नगर थाना पुलिस ने इंदौर निवासी पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
