जोधपुर में ब्रांडेड कपड़ों के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: दुकान पर पुलिस की दबिश, लिवाइस-टॉमी हिलफिगर और कैल्विन क्लाइन के 2200 नकली कपड़े जब्त
जोधपुर में ब्रांडेड कपड़ों के नाम पर ग्राहकों से धोखाधड़ी किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। सरदारपुरा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरदारपुरा प्रथम बी रोड स्थित मन्नत कलेक्शन नाम की दुकान पर दबिश दी। पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे कपड़े मिले, जिन पर नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के लेबल और लोगो लगाए गए थे। पुलिस ने मौके से करीब 2200 नकली कपड़े जब्त किए हैं।
पुलिस के मुताबिक जब्त किए गए कपड़ों पर लिवाइस, टॉमी हिलफिगर और कैल्विन क्लाइन जैसे चर्चित ब्रांड्स के नाम और पहचान का इस्तेमाल किया गया था। प्रारंभिक जांच में इन कपड़ों के नकली होने की बात सामने आई है। कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली कपड़ों की सप्लाई कहां से होती थी और इन्हें बाजार में किस तरह बेचा जा रहा था।
सरदारपुरा की दुकान पर हुई कार्रवाई
पुलिस को ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली कपड़ों की बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सरदारपुरा थाना पुलिस ने सरदारपुरा प्रथम बी रोड स्थित मन्नत कलेक्शन पर दबिश दी। दुकान की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में कपड़े बरामद हुए।
पुलिस ने कपड़ों की जांच की तो कई पर नामी कंपनियों के लोगो और लेबल लगे मिले। इसके बाद पुलिस ने इन्हें जब्त कर लिया। एक ही दुकान से करीब 2200 कपड़े मिलने के बाद पूरे मामले को बड़े स्तर पर नकली ब्रांडेड सामान के कारोबार से जोड़कर देखा जा रहा है।
नामी ब्रांड के नाम पर ग्राहकों को बेचने का आरोप
नकली कपड़ों के इस कारोबार में सबसे बड़ा सवाल ग्राहकों को लेकर है। ब्रांडेड कंपनियों के नाम और लोगो लगे होने से ग्राहक इन्हें असली उत्पाद समझकर खरीद सकते हैं। ऐसे में उन्हें वास्तविक कीमत के मुकाबले कम गुणवत्ता वाला सामान मिलने के साथ आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दुकान में नकली कपड़े कब से रखे जा रहे थे और इनकी बिक्री किस स्तर पर की जा रही थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जब्त माल की सप्लाई जोधपुर के अलावा अन्य शहरों में भी तो नहीं की जा रही थी।
सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
एक दुकान से हजारों की संख्या में नकली कपड़े बरामद होने के बाद पुलिस की जांच अब सप्लाई नेटवर्क तक पहुंच सकती है। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि इन कपड़ों को कहां तैयार किया गया, किस व्यक्ति या कारोबारी से खरीदा गया और इन्हें ब्रांडेड उत्पादों के रूप में बाजार में कैसे पहुंचाया जा रहा था।
कार्रवाई के बाद संबंधित ब्रांड कंपनियों को भी मामले की जानकारी दी जा सकती है, ताकि जब्त कपड़ों की प्रामाणिकता और ट्रेडमार्क के इस्तेमाल की जांच की जा सके। पुलिस की आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
जोधपुर में हुई इस कार्रवाई से ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली उत्पाद बेचने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच सकता है। पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और नकली कपड़ों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
