जयपुर के बाद 3 और शहरों में शुरू होगी ‘भारत-टैक्सी’: 500 रुपए के शेयर से कैब ड्राइवर बनेंगे मालिक, मिलेगा वोटिंग राइट
देश में कैब सेवा के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। जयपुर के बाद अब तीन और शहरों में ‘भारत-टैक्सी’ सेवा का विस्तार किया जाएगा। इस पहल का सबसे खास पहलू यह है कि इसमें कैब ड्राइवर केवल कर्मचारी नहीं रहेंगे, बल्कि कंपनी के शेयरहोल्डर बन सकेंगे।
योजना के तहत कैब ड्राइवरों को महज 500 रुपए के शेयर के जरिए कंपनी में हिस्सेदारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें वोटिंग राइट भी मिलेगा, जिससे वे कंपनी के फैसलों में अपनी भागीदारी निभा सकेंगे।
ड्राइवरों को मिलेगा मालिकाना हक
‘भारत-टैक्सी’ मॉडल को ड्राइवरों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। आमतौर पर कैब सेवा में ड्राइवर कंपनियों के लिए काम करते हैं, लेकिन इस मॉडल में उन्हें कंपनी के स्वामित्व में शामिल करने की कोशिश की जा रही है।
शेयरहोल्डर बनने के बाद ड्राइवरों को कंपनी के संचालन और नीतिगत फैसलों में अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा।
जयपुर के बाद तीन शहरों में विस्तार
जानकारी के मुताबिक, जयपुर में शुरुआत के बाद अब इस सेवा को देश के तीन अन्य शहरों में शुरू करने की तैयारी है। इससे ज्यादा संख्या में कैब ड्राइवरों को इस मॉडल से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल से ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें बेहतर अवसर देने की उम्मीद जताई जा रही है।
कमाई के साथ भागीदारी का मॉडल
कैब ड्राइवरों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से उन्हें केवल किराया कमाने तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि कंपनी की सफलता में उनका भी हिस्सा होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, गिग इकॉनमी से जुड़े कर्मचारियों को स्वामित्व देने का मॉडल भविष्य में रोजगार के नए तरीके विकसित कर सकता है।
टैक्सी सेक्टर में बदलाव की उम्मीद
‘भारत-टैक्सी’ जैसी पहल को देश के टैक्सी सेक्टर में बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
अब देखना होगा कि जयपुर के बाद अन्य शहरों में यह मॉडल कितना सफल साबित होता है और कितने कैब ड्राइवर इससे जुड़ते हैं।
