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जोधपुर में 28 मई को मनाई जाएगी बकरा ईद, मुख्य ईदगाह पर सुबह 7 बजे होगी नमाज; ट्रैफिक पुलिस अलर्ट

 
जोधपुर में 28 मई को मनाई जाएगी बकरा ईद, मुख्य ईदगाह पर सुबह 7 बजे होगी नमाज; ट्रैफिक पुलिस अलर्ट

राजस्थान के जोधपुर शहर में चांद दिखाई देने के बाद ईदुल-जुहा यानी बकरा ईद का पर्व 28 मई को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन और यातायात पुलिस ने नमाज और भीड़ को देखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

जानकारी के मुताबिक, जालोरी गेट के बाहर स्थित मुख्य ईदगाह पर सुबह 7 बजे सामूहिक नमाज अदा की जाएगी। इसके अलावा शहर की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में भी बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ेंगे। ईदुल-जुहा के मौके पर मुस्लिम समाज में उत्साह का माहौल है और लोग खरीदारी व अन्य तैयारियों में जुटे हुए हैं।

यातायात पुलिस ने नमाज के दौरान भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। मुख्य ईदगाह और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित या डायवर्ट भी की जा सकती है।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। नमाज के समय भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए लोगों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।

ईदुल-जुहा इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार माना जाता है। इस दिन लोग नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी की रस्म निभाते हैं और जरूरतमंदों में मदद व दान भी करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व त्याग, बलिदान और भाईचारे का संदेश देता है।

शहर के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। कपड़े, सेवइयां, मसाले और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए लोग बाजारों में पहुंच रहे हैं। बकरा मंडियों में भी अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है।

फिलहाल जोधपुर में बकरा ईद को लेकर उत्साह और तैयारियों का माहौल है। प्रशासन, पुलिस और स्थानीय संस्थाएं मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि त्योहार शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।