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Jodhpur आर्गेनिक खेती से करोड़ों का टर्नओवर, मसालों-अनाजों की यूरोप-अमेरिका तक सप्लाई
 

जयपुर न्यूज डेस्क, जापान की राजधानी टोक्यो में 18 लाख का सालाना सैलरी पैकेज। आवास कंपनी द्वारा प्रदान किया गया। एक युवा को और क्या चाहिए? जोधपुर के दीपक राजगुरु ने भी ऐसा ही महसूस किया।..लेकिन एक दिन दोस्त के मोबाइल में राजीव दीक्षित का वीडियो देखा। स्वदेशी अभियान से प्रेरणा मिली और मैंने मन बना लिया कि मैं अपने देश जाकर ऐसा काम करूंगा जो भारत के लिए हितकारी हो। मेरे देश की खेती में आज हमने एक ऐसे युवा की बात की, जिसने अपनी सोच से हजारों किसानों का नजरिया और जिंदगी बदल दी।

दीपक राजगुरु। आयु 35 वर्ष। जोधपुर में भवातु ऑर्गेनिक फर्म के मालिक। उनके साथ हजारों किसान जुड़े हुए हैं। उनके कहने पर किसान जैविक मसाले और खाद्यान्न पैदा करते हैं। दीपक राजगुरु के माध्यम से किसान अपने जैविक उत्पाद सीधे बड़ी कंपनियों को बेचते हैं।इसका सीधा लाभ किसानों को मिलता है। भवातु आर्गेनिक के माध्यम से जोधपुर और आसपास के जिलों के किसानों की जैविक उपज अमेरिका, जर्मनी और यूरोप के कई देशों में पहुंच रही है। सालाना करोड़ों का कारोबार होता है, जिसमें दीपक से जुड़े किसानों की भी हिस्सेदारी है।


जोधपुर में जैविक दालों, मसालों और औषधीय उत्पादों के सबसे बड़े सप्लायर बन चुके भवतु ऑर्गेनिक के मालिक दीपक राजगुरु की कहानी अनोखी है. उन्होंने बताया कि जोधपुर का छोटा सा गांव आउवा उनकी जन्मस्थली है। साल 2001 में 10वीं पास की, गांव में ही पढ़ाई भी की इसके बाद वह पास के गांव देवली चले गए, जहां उन्होंने 2004 तक पढ़ाई की। 2007 में शादी हुई। शादी के बाद 2008 में पाली कॉलेज से बीए पूरा किया। इसके बाद वह वर्ष 2008-09 में एमबीए करने मुंबई चला गया। वहां कैट क्लियर हुई।

दीपक के पिता 1997 से मुंबई में थे। वह वहां बिल्डर थे। काम में घाटा हो रहा है तो आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दीपक को पढ़ाई छोड़कर काम की तलाश करनी पड़ी। पारिवारिक जिम्मेदारियां भी थीं, जिसके चलते उन्होंने शेयर बाजार में काम किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट नौकरी की तलाश की और मुंबई में ही एक डायमंड कंपनी में मार्केटिंग की नौकरी कर ली। कंपनी दीपक के काम से खुश थी। 2012 में दीपक के बेहतरीन काम को देखते हुए कंपनी ने उन्हें जापान के टोक्यो स्थित ऑफिस में भेज दिया। वहां दीपक ने 2016 तक बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर काम किया।