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jodhpur 1799 करोड़ की परियोजना, मई 2025 से जोधपुर को मिलना शुरू होगा अतिरिक्त पानी

 

जोधपुर न्यूज़ डेस्क, हिमालय से जोधपुर में अतिरिक्त पानी लाने की राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल फेज III परियोजना ने गति पकड़ ली है। गुजरात के अंजार से 2 और 1.8 मीटर व्यास के पाइप मौके पर पहुंचने लगे हैं। अब तक 8.8 किमी लंबाई के पाइप पहुंच चुके हैं। इनकी लाइनिंग का काम चल रहा है। इस माह के अंत से इन पाइपों को लगाने का काम शुरू हो जाएगा। 1799 करोड़ की यह परियोजना मई 2025 में पूरी होगी। यानी करीब ढाई साल बाद जोधपुर को अतिरिक्त पानी मिलना शुरू हो जाएगा।वर्तमान में जोधपुर के लिए इंदिरा गांधी नहर से 700 एमएलडी पानी छोड़ा जाता है। इसमें से 380 एमएलडी पानी गांवों को पानी देने और बर्बादी के बाद जोधपुर पहुंचता है। तीसरा चरण पूरा होने के बाद जोधपुर को कुल 396 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलना शुरू हो जाएगा। इसके बाद लिफ्ट नहर की कुल क्षमता 1030 एमएलडी हो जाएगी। इस पानी को उठाकर जोधपुर लाने के लिए चार पंप हाउस बनाए जाएंगे। इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल की मांग वर्ष 2054 तक पूरी की जा सकेगी। पुरानी नहर की क्षमता भी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। ऐसे में 700 की जगह 634 एमएलडी पानी ही लिया जा रहा है।

दो मीटर व्यास का पाइप

इस परियोजना में मदासर गांव के निकट प्रस्तावित निकास जलाशय से जोधपुर तक मौजूदा राजीव गांधी नहर के साथ-साथ 2 मीटर और 1.8 मीटर व्यास की 213 किलोमीटर लंबी स्टील पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसमें कुल चार उच्च क्षमता के पंप हाउस भी बनेंगे। करीब 150 किमी लंबाई में दो मीटर व्यास के पाइप लगाए जाएंगे। शेष 63 किलोमीटर लंबाई में 1.8 मीटर व्यास के पाइप लगाए जाएंगे। ढलान वाले क्षेत्र में 1.8 मीटर व्यास के पाइप लगाए जाएंगे।

2167 गांव लाभान्वित होंगे

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, परियोजना वृत्त जोधपुर के अधीक्षण यंत्री भंवरा राम चौधरी ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन के बाद वर्तमान राजीव गांधी नहर का एक साथ उपयोग कर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल मांग को वर्ष 2054 तक पूरा किया जायेगा. योजना से जोधपुर शहर, फलोदी, पीपर, बिलाडा, भोपालगढ़ एवं समदड़ी नगर तथा जोधपुर जिले के 1830 गांव, बाड़मेर के 211 गांव, पाली के 126 गांव, कुल 2167 गांव लाभान्वित होंगे. इनके अलावा रोहाट में प्रस्तावित डीएमआईसी की 60 एमएलडी की मांग को भी योजना में शामिल किया गया है।

पाइप लाइनिंग का काम चल रहा है

चौधरी ने बताया कि सेंसर फर्म द्वारा स्टील पाइप की आपूर्ति शुरू कर दी गई है और राजीव गांधी लिफ्ट नहर के बुर्जी नंबर 58 के पास स्थापित पाइप यार्ड में अब तक 8.8 किलोमीटर पाइप की आपूर्ति की जा चुकी है. पाइप यार्ड में पाइपों की भीतरी सतह पर सीमेंट मोर्टार लाइनिंग तथा बाहरी सतह पर गनिंग का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में 5.5 किलोमीटर लाइनिंग का काम हो चुका है।

फलोदी में ही पाइप बनेंगे

गुजरात के अंजार से दो मीटर व्यास के पाइप को लिफ्ट नहर तक पहुंचाना बहुत मुश्किल और महंगा है। एक ट्रॉली में एक ही पाइप आ सकता है। ऐसे में रत्नमणि स्टील पाइप्स फलोदी में ही पाइप बनाने का प्लांट लगाने जा रही है। यह प्लांट फरवरी तक शुरू हो जाएगा। इसके बाद पाइप की आपूर्ति में तेजी आएगी। जिंदल स्टील पाइप बनाने के लिए स्टील कॉइल्स की आपूर्ति कर रही है। जबकि नहर निर्माण का ठेका देश की नामी इंजीनियरिंग कंपनी एलएंडटी के पास है। स्थल के पास पाइप निर्माण का कारखाना लगाकर स्थानीय लोगों को रोजगार मिलना शुरू हो गया है।