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Jodhpur IIT में स्टूडेंट्स को मिलेगा अब इंजीनियर के साथ बिजनेसमैन का कोर्स, इनोवेशन और स्टार्टअप की मिलेगी डिग्री, 4 साल का होगा कोर्स
 

जोधपुर न्यूज़ डेस्क, जोधपुर IIT अब इंजीनियर के साथ-साथ TECH. बिजनेसमैन यानी टेक्नोलॉजी बेस्ड बिजनेसमैन तैयार करेगी। इसके लिए स्टूडेंट्स को स्टार्ट अप से लेकर आंत्रप्रेन्योरशिप की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें नई टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी के साथ-साथ एक्सपर्ट की टीम के साथ काम करने का भी मौका मिलेगा।

दरअसल, आईआईटी जोधपुर टेक्नोलॉजी फोकस बैचलर ऑफ फिजिक्स और बैचलर ऑफ केमिस्ट्री के साथ दो नए कोर्स शुरू करने जा रहा है। इंजीनियरिंग के छात्र जो अपना भविष्य रिसर्चर, इनोवेटर्स और टेक्निकल स्टार्टअप के रूप में बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स काफी फायदेमंद होगा। खास बात यह है कि देशभर के 28 आईआईटी में से पहला जोधपुर से शुरू हो रहा है।

पढ़ें- कैसे होगा कोर्स और कैसे मिलेगा एडमिशन

कौन कर सकता है आवेदन: जिन छात्रों ने जेईई मेन्स दिया है, जिन्हें किसी कारणवश आईआईटी में प्रवेश नहीं मिला, वे इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं और उन्हें आईआईटी में पढ़ने का मौका मिल सकता है।

आवेदन कैसे करें: इसकी जानकारी जल्द ही IIT जोधपुर की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। इसमें आपको प्रवेश प्रक्रिया, सीटों और फीस की जानकारी मिलेगी।

कोर्स स्पेशलिटीज: यह फिजिक्स और केमिस्ट्री पर ज्यादा फोकस करता है। चार वर्षीय डिग्री के दौरान इससे जुड़े प्रयोग और प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे।
यह दो कोर्स में किया जाएगा

रसायन विज्ञान स्नातक (बी.एस.)
पाठ्यक्रम का उद्देश्य इंजीनियरिंग नवाचार को बढ़ावा देना है। जिसमें आज के उद्योग के लिए प्रासंगिक आधुनिक विज्ञान और नवाचार के बारे में बताया जाएगा।

आप इसमें करियर बना सकते हैं

स्पेक्ट्रोस्कोपी, गतिकी,
कार्बनिक और Organometallic कटैलिसीस
उन्नत ऊर्जा सामग्री

विभाग के एचओडी प्रोफेसर रमेश मटर ने बताया कि इन चारों पाठ्यक्रमों के दौरान रसायन विज्ञान और इंजीनियरिंग के संयोजन के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।

भौतिकी में विज्ञान स्नातक (बी.एस.)
इस पाठ्यक्रम में विज्ञान के प्राचार्यों के विकास, संचार और व्यावहारिक प्रयोगों को शामिल किया जाएगा।

इन क्षेत्रों में बनाया जा सकता है करियर

हरित ऊर्जा और सतत ऊर्जा सामग्री,
फोटोनिक्स और टेराहर्ट्ज प्रौद्योगिकी / संचार
क्वांटम प्रौद्योगिकी, संचार और क्वांटम ओपन सिस्टम
लचीला इलेक्ट्रॉनिक्स
बहुक्रियाशील सामग्री और उपकरण
स्मार्ट शहरों के लिए स्मार्ट एनर्जी और स्मार्ट हेल्थकेयर
भौतिकी विभाग के एचओडी प्रोफेसर आशुतोष आलोक ने कहा कि छात्र इस पाठ्यक्रम के माध्यम से भौतिकी के माध्यम से विकसित की जा रही तकनीक के बारे में ज्ञान प्राप्त कर विशेषज्ञ बन सकते हैं। इस दौरान उन्हें विशेषज्ञों के साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा।

दोहरी डिग्री अवसर
इस कोर्स के साथ छात्र को आईआईटी से दोहरी डिग्री का अवसर भी मिलेगा। इस 4 साल के डिग्री कोर्स को 5 साल में बदलने से इसे बी.एस.एम. कहा जाता है। दोहरी डिग्री। यह डिग्री स्नातक की तुलना में विशेषज्ञता के लिए अधिक अवसर प्रदान करती है। जो बैचलर कोर्स से ज्यादा इनोवेशन इंजीनियरिंग पर आधारित होगा।

नई रिसर्च और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री होगी तैयार

आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर शांतनु चौधरी ने कहा कि छात्रों को इस क्षेत्र में कई अवसर मिलेंगे। स्मार्ट टेक्नोलॉजी की जानकारी मिलेगी। इन नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से हम नए शोध और प्रौद्योगिकी का निर्माण करेंगे। ताकि छात्र अपने स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ा सकें। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शुरू किया गया है।